वुहान से लौटे कश्मीरी छात्र ने PM मोदी को किया धन्यवाद और बताया अपना अनुभव

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पूरी दुनिया के लोग कोरोना के कहर से मारे जा रहे हैं. आपको बता दें इस वायरस का अबतक कोई हल नहीं निकल पाया हैं. लेकिन पूरी दुनिया के डॉक्टर्स, वैज्ञानिक इस वायरस के इलाज़ को ढूंढने में लगे हैं. आपको बता दें दिन प्रतिदिन इसके प्रकोप से मरने वालों की संख्या बढती जा रही हैं. सबसे ज्यादा बुरा हाल इटली का हैं. इस वायरस से फिलहाल निपटने का एक ही उपाय हैं सावधानी बरती जायें. इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 दिन की लॉकडाउन की घोषणा की हैं. PM मोदी के इस कार्य की सराहना सभी जगह की जा रही हैं. वोही दूसरी तरफ कुछ जाहिल नेता इन्हें राजनीतिक हथकंडा का भी नाम दे रहे हैं. ऐसे में वुहान शहर में फंसे कश्मीरी छात्र ने शुक्रिया कर जो बात बोली हैं जानकर आप भी दंग रह जायेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से बुरी तरह से प्रभावित चीन के वुहान शहर से भारत लौटे कश्मीरी छात्रों से बात की है. इन छात्रों ने पीएम मोदी के साथ अपना अनुभव साझा किया.पीएम मोदी से फोन पर बात करते हुए एक छात्र ने कहा कि वुहान में जब लॉकडाउन की घोषणा की गई तो मेडिकल का छात्र होने के बावजूद वह डर गया था.कश्मीर के बनिहाल के रहने वाले निजामुर रहमान ने पीएम से बातचीत में भारत सरकार का धन्यवाद किया और कहा कि वुहान में हालात खराब होते उससे पहले ही भारत सरकार ने उन लोगों को वहां से निकाल लिया. बता दें कि निजामुर रहमान 60 कश्मीरी छात्रों के साथ वुहान से एअर इंडिया के जरिए भारत आया था.

पीएम ने जब रहमान से उसका अनुभव पूछा तो उसने कहा कि वुहान में उसका अधिकतर समय लॉकडाउन में गुजरता था. बातचीत के दौरान पीएम ने कहा कि लोग समझते हैं कि लॉकडाउन जेल जैसा है, लेकिन ऐसा नहीं है.पीएम की बातों से सहमति जाहिर करते हुए रहमान ने कहा कि कोरोना का मुकाबला करने के लिए लॉकडाउन बेहद जरूरी है. उसने कहा कि लॉकडाउन के जरिये ही इस बीमारी के संक्रमण को रोका जा सकता है.

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