सड़क किनारे महिला ने दिया बच्चे को जन्म, उसे उठाया और 160 किलोमीटर चली और फिर..

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इन दिनों में आम लोगो का गरीबो का हाल किस तरह का हो रखा है ये बात किसी से भी छुपी हुई नही है. लोगो की हालत अपने आप में बदतर सी हो गयी है और कही न कही उनके पास में रहने खाने को भी नही बचा है क्योंकि एक तो करोना के कारन सब  बिजनेस बंद है और लॉक डाउन के चलते सफ़र करने को एक बस तक नही है.

ऐसे में जो मजदूर वर्ग के लोग है वो तो जैसे जिसे जो मौका मिले वो पैदल ही चल दे रहे है. ऐसा ही नजारा महाराष्ट्र और एमपी के बॉर्डर पर भी दिख रहा है जहाँ हजारो की संख्या में पलायन हो रहा है. ऐसा ही पलायन एक और समूह ने हाल ही में किया जिसमे एक गर्भवती महिला भी थी.

महिला नौ माह से प्रेग्नेंट थी और वो भी नासिक से निकली और सतना के लिए जा रहे थे. अब ये लोग रास्ते में ही थे कि महिला को पेट में दर्द होने लगा और उसने वही सड़क पर ही बच्चे को जनम दे दिया. ये तो तपती धुप और खराब होती हालत ऐसे में बच्चे को जन्म दिया गया. जन्म देने के बाद में वो घंटे भर तक वही बैठी रही. इसके बाद में वो हिम्मत करके वहां से उठी और वहां से उठकर के लोगो के साथ लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर तक पैदल चली वो भी अपने नए नए जन्मे बच्चे को लेकर.

बच्चे को लेकर के वो लोग बिजवासन बॉर्डर तक पहुंचे तब जाकर के कुछ राहत आ सकी ये अपने आप में बहुत ही बुरा है कि गरीबो की हालत इतनी ज्यादा खराब हो रही है और उनकी सुनने के लिए कोई नही है. कही न कही लॉक डाउन में उनके साथ में तो अन्याय हो रही रहा है जो तकलीफ से भरा हुआ है.

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