चेतावनी: कोविड-19 से ठीक हुए लोग इतने दिन तक न बनाएं संबंध, पार्टनर को हो सकता है कोरोना

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कोरोनावायरस से ठीक हो चुके मरीजों के लिए वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है। उनके मुताबिक, कोरोना मरीज को ठीक होने के बाद भी 30 दिनों तक अपने पार्टनर से संबंध नहीं बनाने चाहिए। इस संबंध में एक एक्सपर्ट का कहना है कि पुरुषों के सीमन (वीर्य) में वायरस का पता चला था। ऐसे में संबंध बनाने पर वायरस उसके पार्टनर को संक्रमित कर सकता है।

अब, थाई रोग नियंत्रण विभाग के एक वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ ने दावा किया है कि जिन रोगियों ने बीमारी पर काबू पा लिया है, उन्हें अपने साथियों के साथ संबंध बनाने के लिए इंतजार करना होगा। वीरावत मनोसुथी ने चीन में हुई एक स्टडी का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि सीमन में वायरस जीवित हो सकता है। उन्होंने लोगों को किस करने से बचने की भी सलाह दी है।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के कारण अब तक 33,000 से ज्यादा मौत हो चुकी हैं। वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 3 लाख की संख्या को पार कर चुका है। मनोसुथी ने दावा किया कि 30 दिन के बाद भी जब लोग संबंध बनाएं तो कंडोम का इस्तेमाल करें।

शोधकर्ताओं ने इस महीने की शुरुआत में दावा किया था कि जो पुरुष कोविड-19 बीमारी से उबर चुके हैं, ठीक होने के बाद भी उनके सीमन में कोरोनावायरस था।बता दें ‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी वैज्ञानिकों ने कोरोना से पीड़ित 38 मरीजों के आउटपुट को विश्लेषण किया। इसमें 15 अभी अस्पताल में थे, जबकि 23 ठीक हो चुके हैं। कुल मिलाकर 6 यानी 16 प्रतिशत पुरुषों में Sars-CoV-2 वायरस था। यह वायरस स्पर्म (शुक्राणु) जांच में कोरोनोवायरस का कारण है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे पता चलता है कि वायरस टेस्ट्स (वृषण) में ज्यादा समय तक जिंदा रह सकता है और बाद में संबंध बनाते समय पार्टनर को संक्रमित कर सकता है।

जर्नल जेएएमए नेटवर्क ओपन ने रिसर्चर डॉ. शिक्सी झांग के हवाले से लिखा है, ‘ठीक होने वाले रोगी के सीमन में रहने वाले SARS-CoV-2 से दूसरे के संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है।’ झांग के मुताबिक, ‘यदि ज्यादातर परीक्षण में यह बात सामने आती है कि संबंध बनाने के दौरान कोरोनावायरस से पार्टनर संक्रमित हो रहा है, ऐसी स्थिति में, कोविड-19 से ठीक होने वाले पुरुषों को संक्रमण रोकने के लिए संबंध नहीं बनाने या फिर कंडोम पहनने को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।’ थाई न्यूज वेबसाइट Khaosod English से बातचीत में डॉ. शिक्सी झांग ने कहा, ‘चुंबन लेने से भी बचना चाहिए, क्योंकि यह तो सबको पता है कि यह मुंह से फैल सकता है।’

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