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मिनीपोलिस: अमेरिका के हर कोने में अशांति और हिंसा की एक और रात के बाद रविवार को दर्जनों शहर में आगजनी और तोड़फोड़ का नजारा देखने को मिला जहां पुलिस द्वारा अफ्रीकी-अमेरिकियों के साथ वर्षों से हो रहे कथित बुरे बर्ताव के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. पुलिस ने लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े तथा रबड़ की गोलियां चलाईं. 

अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की सोमवार को मौत और पुलिस के हाथों अन्य अश्वेत लोगों की हत्या के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों की आंच हर कोने में फैल गयी. प्रदर्शन के दौरान कारों और प्रतिष्ठानों में आग लगा दी गयी, हर तरफ इमारतों की दीवारों पर स्प्रे करके ‘मैं सांस नहीं ले सकता’ लिख दिया गया है, व्हाइट हाउस के दरवाजों के पास एक कूड़ेदान में आग लगा दी गयी. हजारों लोगों ने फ्लॉयड की मौत के विरोध में यहां की सड़कों पर शांतिपूर्ण मार्च निकाला. 

मिनीपोलिस में इस सप्ताह तब प्रदर्शन भड़क उठे जब एक वीडियो में पुलिस अधिकारी को तब तक घुटने से फ्लॉयड की गर्दन दबाते हुए देखा गया जब तक उसकी मौत नहीं हो गयी. अश्वेत फ्लॉयड को एक दुकान में नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था. देश में हिंसा ऐसे समय में हो रही है जब कोरोना वायरस महामारी के कारण लाखों लोग बेरोजगार हो गये हैं और इस देश में एक लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

हिंसा शनिवार को न्यूयॉर्क से लेकर टुल्सा और लॉस एंजिलिस तक फैल गई. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कारों में आग लगा दी और दोनों पक्षों से लोगों के घायल होने की खबरें आती रही. फ्लॉयड की मौत के बाद मिनीपोलिस में शुरू हुए प्रदर्शन ने शहर के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया, इसमें इमारतों को जला दिया गया और दुकानों में लूटपाट की गयी. वाशिंगटन डीसी में प्रदर्शनकारी ओल्गा हॉल ने कहा, ‘‘हम आजिज आ चुके हैं. पुलिस वाले बेकाबू हो गये हैं. वे क्रूर हो गये हैं.’’ उधर बिना मास्क पहने या सामाजिक दूरी का पालन किए बिना बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों में चिंता पैदा हो गई है कि इससे कोरोना वायरस वैश्विक महामारी फिर से फैल सकती है वो भी ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने की कोशिशें चल रही है. इंडियानापोलिस में प्रदर्शनों के बीच पुलिस गोलीबारी की कई घटनाओं की जांच कर रही है जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गई.

मिनीपोलिस में प्रदर्शनों की शुरुआत हुई. वहां प्रदर्शन समाप्त करने के लिए रात आठ बजे लगाये गये कर्फ्यू के तुरंत बाद पुलिस, स्टेट ट्रूपर्स और नेशनल गार्ड के सदस्यों को तैनात किया गया. उन्होंने लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़े और रबड़ की गोलियां चलाईं. फिलाडेल्फिया में शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया जिसमें कम से कम 13 पुलिस अधिकारी घायल हो गए और कम से कम चार पुलिस वाहनों को फूंक दिया गया.

न्यूयॉर्क शहर में अधिकारियों ने कई गिरफ्तारियां कीं और लोगों को सड़कों से हटाया. इस दौरान दोनों पक्षों में भयावह टकराव की स्थिति नजर आई. एक वीडियो में एनवाईपीडी के दो क्रूजरों को प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए देखा जा सकता है. वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर नेशनल गार्ड को तैनात किया गया है. सुरक्षाबल भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कुछ दूरी पर खड़े रहे. सॉल्ट लेक शहर में प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू का उल्लंघन किया और उताह के गवर्नर ने नेशनल गार्ड को तैनात किया. प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस कार पलट दी और उसे फूंक दिया तथा बाद में एक अन्य वाहन में भी आग लगा दी. पुलिस ने बताया कि छह लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया.

लॉस एंजिलिस में प्रदर्शनकारियों ने ‘‘अश्वेत जिंदगियां मायने रखती हैं’’ के नारे लगाए. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और रबड़ की गोलियां दागी. पुलिस की एक कार को जला दिया गया. सोशल मीडिया पर पोस्ट वीडियो में न्यूयॉर्क शहर में अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते और उन्हें खदेड़ते हुए देखे गए. एक अन्य वीडियो में न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की दो कारें प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ती दिखाई दी जो एक अवरोधक को हटा रहे थे और उस पर सामान फेंक रहे थे. कई लोग जमीन पर गिर पड़े और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई घायल हुआ है या नहीं. सभी प्रदर्शनों में हिंसा नहीं हुई. अलास्का के जुनो शहर में कानून प्रवर्तन अधिकारी निर्वाचित अधिकारी और निवासियों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए.

ट्रम्प ने शनिवार रात को ट्वीट किया कि अगर नेशनल गार्ड का इस्तेमाल दो दिन पहले किया होता तो इतना नुकसान नहीं होता. नेशनल गार्ड ने अच्छा काम किया है. देशभर में 12 से अधिक प्रमुख शहरों में रातभर कर्फ्यू लगाया गया. लोगों को अटलांटा, डेनवर, लॉस एंजिलिस, सिएटल और मिनीपोलिस की सड़कों से दूर रहने के लिए कहा गया जहां कर्फ्यू का उल्लंघन कर हजारों लोग शुक्रवार रात को जमा हुए थे. बृहस्पतिवार से लेकर अब तक 22 शहरों में कम से कम 1,669 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. फ्लोरिडा के टाल्हासी में शनिवार को प्रदर्शनकारियों की भीड़ में एक पिकअप ट्रक घुस गया जिससे लोगों में भगदड़ मच गई. हालांकि एक बड़ा हादसा टल गया. वीडियो में नजर आ रहा है कि ट्रक यातायात बत्ती पर रूका तो प्रदर्शनकारी उसके आसपास जमा हो गए, कुछ लोग वाहन चालक से बात करने लगे. इसके बाद एक अन्य वीडियो में दिखा कि ट्रक की खिड़की पर एक बोतल मारी गई और ट्रक की गति अचानक से बढ़ गई और हड़बड़ाए लोग एक ओर हो गए. इस घटना में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है.