तहलका – मोदी बनाने जा रहे दुनिया की सबसे खतरनाक सेना, नए हथियार और गाड़ियां देख बड़े देश सकते में !

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एक कहावत है की जिस देश की सेना ताकतवर हो बो देश भी ताकतवर होता है और इसी कहावत को मोदी सरकार सच करते हुए आज देश को ताकतवर करने में लग पड़ी है। आप गर्व करेंगे ये जानकर की भारतीय सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना बनने जा रही है…या पोस्ट विशेषकर उन लोगों के लिए है जो अक्सर बोलते हैं मोदी ने 4 साल में किया क्या है..उन लोगों के लिए ये पोस्ट करारा तमाचा है जो प्रधानमंत्री मोदी पे तंज कस्ते हैं की मोदी हमेशा विदेशी दौरों पे ज़ोर देते हैं, पर उन लोगों की अलप बुद्धि में ये बात नहीं घुसती के दिन में 18 घंटे काम करने वाला शख्स मोदी आखिर कर क्या रहा है ! जितना भारत आज मोदी सरकार में सुरक्षित था, उतना न पहले कभी था, और न किसी ने इसके बारे में सोचा होगा. !

मोदी देश के डिफेन्स और सेना को इतने अत्यधुनिक हथियारों और गाड़ियों से लैस करते जा रहे हैं की बड़े बड़े हथियार उत्पादक देशों की नींद हराम हुई पड़ी है !भारत तेजी से अपनी सेना के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है और रक्षा बजट में इजाफा भी कर रहा है।भारत सरकार ने की बजह से आज भारत रक्षा पर खर्च करने वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल हो गया है। रक्षा बजट के इस मामले में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन के बाद भारत का चौथा स्थान है। पर जिस स्पीड से मोदी सरकार सेना का आधुनिकीकरण करती जा रही है, उस हिसाब से भारतीय सेना दुनिया की सबसे ताकतवर सेना में शामिल  हो जायेगी !

Bullet Proof Army Vehiicle

जब से मोदी ने सत्ता संभाली है, भारतीय सेना में आधुनिकीकरण की झड़ी लग गई है, मोदी की विशेष रुचि है भारततीय सेना को दुनिया की सबसे आधुनिकतम सेना बनाना, मोदी कहते हैं मुझे अपने जवानो के लिए शूट टू किल वाले हथियार मुहैया करवाने की नीति पे काम करना है मोदी की अगली की रणनीति सशस्त्र बलों ने आधुनिक हमला राइफलों, बॉडी कवच ​​और हेल्मेट्स के लिए एक शॉपिंग स्प्री शुरू की है, जो वैश्विक हथियार आपूर्तिकर्ताओं को संभावित बढ़ावा प्रदान करना है !

Latest Defence Equipment

भारत के ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) द्वारा निर्मित मेरा संरक्षित वाहन आज उपयोग में कम से कम ज्ञात बख्तरबंद कारों में से एक है। इसका डिजाइन सिद्ध दक्षिण अफ़्रीकी कैसिपर पर आधारित है, जो मौजूदा पीढ़ी के मैप्स के अग्रदूत हैं। दूसरी तरफ, एमपीवी, जिसे आदित्य भी कहा जाता है, दक्षिण एशिया के इलाके और भारत की सुरक्षा बलों की जरूरतों के लिए बनाया गया था। एमपीवी आदित्य का मूल रूप से दक्षिण-पूर्वी भारत में नक्सल से पीड़ित “रेड कॉरिडोर” जैसे स्थानीय परेशानियों के लिए उपयोग किया जाता था। नक्सल एक माओवादी विद्रोह है जो एक जमीनी भूमि सुधार आंदोलन के रूप में शुरू हुआ। एमपीवी ने इस कठिन रंगमंच में अपनी मेटल साबित कर दी और कुछ आशा थी कि यह अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को मिलेगा।

अमेरिका इस वर्ष 622 अरब डॉलर के रक्षा बजट के साथ विश्व में सबसे आगे रहा। वहीं चीन का रक्षा बजट 191.7 अरब डॉलर जबकि ब्रिटेन का रक्षा बजट 53.8 अरब डॉलर का रहा। रूस का रक्षा बजट 48.44 अरब डॉलर का था। IHS जेन्स में एशिया प्रशांत के प्रधान विश्लेषक क्रेग कैफ्रे ने कहा कि भारत रक्षा आपूर्तिकर्ताओं के लिए बड़े बाजार के तौर पर उभरेगा।

Bullet Proof Army Vehicles

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल दुनियाभर में रक्षा खर्च एक फीसद की वृद्धि के साथ 1.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया। जबकि 2015 में इसमें 0.6 फीसद की वृद्धि हुई थी। यह बढ़ोतरी रूस से उत्पन्न खतरे और मध्य पूर्व में आतंकी संगठन आइएस के चलते हुई है। रिपोर्ट में चीन को लेके भी एक बहुत बड़ी भविष्यवाणी की गई है कि 2020 तक जितना चीन और पूरे पश्चिमी यूरोप जितना रक्षा पर खर्च करेंगे…भारत 2025 तक भारत उन से भी आगे निकल के अकेला सभी देशों के कुल रक्षा खर्च से ज्यादा करेगा !