ताहिर हुसैन ने अपने हाथ से मारा था अंकित शर्मा को, चाकू से 51 बार घोंपा था, 9 और मजहबी उन्मादी थे शामिल

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लगभग 3 महीने की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने फ़रवरी 2020 में हुए दंगों को लेकर कड़कड़डूमा कोर्ट में 650 पन्नो की चार्ज शीट दाखिल की है चार्ज शीट से चौंकाने वाले खुलासे हुए थे, IB के अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन ने खुद अपने हाथ से मौत के घाट उतारा था, ताहिर हुसैन के घर के अंदर अंकित शर्मा को मारा गया था अंकित शर्मा को कुल 10 मजहबी उन्मादियों ने मिलकर मारा था, ताहिर हुसैन इनमे से मुख्य था, इन सभी ने अंकित शर्मा को चाकुओं से 51 बार घोंपा और उन्हें कई घंटे तक तड़पाया अंकित शर्मा को 1 ही झटके में नहीं मारा गया बल्कि कई घंटे तक थोड़ी थोड़ी देर बार घोंप घोंप के तड़पा तड़पा के मारा गया, ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी का स्थानीय पार्षद है ताहिर हुसैन के अलावा हलील सलमान और समीर नामक उन्मादी भी शामिल थे, इसके अलावा नाजिम और कासिम नाम के दो कुख्यात अपराधी भी इस जघन्य हत्याकांड में शामिल थे


ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड बताया गया है, जिसने करोड़ों की फंडिंग कर के दंगे भड़काए। वहीं अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में सलमान को मुख्य आरोपित बनाया गया है, जिसके मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग को पुलिस की स्पेशल सेल ने इंटरसेप्ट किया था। इसके बाद कई अहम जानकारियाँ हाथ लगी थीं। अंकित शर्मा हत्याकांड के सारे आरोपित फिलहाल जेल में हैं। दंगे भड़काने के दौरान ही अंकित शर्मा को भी निशाना बनाया गया था।दिल्ली पुलिस का कहना है कि दंगे कराने के लिए ताहिर हुसैन ने करोड़ों ख़र्च किए थे। इस दौरान वह जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद से लगातार संपर्क में था। वो खालिद सैफी से भी सम्पर्क में था।सैफी शाहदरा के खुरेजी खास में हुए दंगों का आरोपित है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने कड़कड़डूमा कोर्ट में ये खुलासे किए। इस मामले में ताहिर और उसके भाई शाह आलम सहित 15 आरोपित हैं। ताहिर हुसैन ने दंगों से पहले एक लाइसेंसी पिस्टल रिलीज करवाया था, जिसका उसने इस्तेमाल किया। उसके पास 75 गोलियों का कोई हिसाब नहीं है। जनवरी के दूसरे हफ्ते में उसने 1.1 करोड़ रुपए फर्जी सेल कम्पनियों को ट्रान्सफर किया था और बाद में उसने इसे कैश में वापस लिया।कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया है कि वो दंगे भड़का रहा था। पुलिस ने उस वीडियो को भी सबूत के तौर पर लिया है, जिसमें ताहिर हुसैन के गुंडे पेट्रोल बम फेंकते दिख रहे हैं। ताहिर हुसैन का दावा था कि वो ख़ुद दंगे की जद में आ गया था और उसने बार-बार पुलिस के नंबर पर फोन कर के मदद माँगी थी। जबकि दो दंगाई उसके परिसर से ही गिरफ़्तार किए गए थे। कुछ आरोपितों की भी मोबाइल फोन की जाँच होनी बाकी है