दियें जलाते हुए मोदी जी ने जो ड्रेस पहना था, उसके पीछे छिपी हैं बड़ी वजह

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प्रधानमंत्री मोदी इस वक़्त देश के हित के लिए बहुत सारे फैसले लिए हैं. आपको तो पता ही हैं इस वक़्त देश की स्तिथि बेहद ख़राब हैं. कोरोना नाम की महामारी जो पूरी दुनिया में अपने पैर पसार चुकी हैं उससे बचने के लिए सारे देशों में अलग अलग फैसले लिए जा रहे हैं. ऐसे में सबसे महतवपूर्ण बात ये हैं कि लोगो में एकता होनी चाहिए. कुछ दिन पहले लोगों ने मोदी जी के कहने पर उनलोगों को धन्यवाद करने के लिए जो हमारे लिए घर से बहार थे उनको शुक्रिया बोला गया. बीते रविवार को उन्होंने दिए जलाने की बात की. आइये आपको उन्होंने जो ड्रेस पहना था उसके पीछे की वजह.

दीप जलाने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीले रंग का कुर्ता और सफेद की लूंगी पहने दिखे। उनके में गले में एक गमछा (अंगवस्त्र) भी दिखा। गमछे पर कथई रंग की धारियां बनी थी, जो काफी फब रहा था। पैरों में पीएम भूरे रंग की लेदर वाली सैंडल पहने दिखे। इस भारतीय परिधान में पीएम का एक अलग ही लुक उभर कर सामने आता दिख रहा है. सोशल मीडिया पर उनके इस लुक की भी काफी चर्चा हो रही है। यूं तो भारत सहित पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संकट का सामना कर रही है। हर तरफ निराशा और नकारात्मकता का माहौल है। ऐसे वक्त में पीएम मोदी ने देशवासियों के साथ दीया जलाकर सारी नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर लोगों में आत्मविश्वास भरने की कोशिश की है.

इस मौके पर इस खास ड्रेस के जरिए पीएम मोदी कुछ और संदेश भी देने की कोशिश करते दिखे। पीएम मोदी का यह परिधान बिल्कुल आम भारतीय को प्रदर्शित करने वाला था। आमतौर पर भारत के ग्रामीण हिस्से और छोटे शहरों में लोग शाम को घर लौटने पर लूंगी और कुर्ता पहनना ही पसंद करते हैं। यह परिधान काफी कंफर्ट होता है, जिससे बॉडी को रिलेक्श महसूस होता है। शायद इस परिधान के जरिए पीएम मोदी संदेश दे रहे हों कि वे भी आम भारतीय हैं। घर पर वे भी बिल्कुल उन्हीं की तरह रहते हैं।Narendra Modi@narendramodi

शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा ।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥

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पौरुष का प्रतीक होता है नीला रंग: दुनिया में प्राकृतिक चीजें ज्यादातर नीले रंग की होती हैं। नीला रंग बल, पौरुष और वीर भाव का प्रतीक है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण नीले रंग के थे। दोनों ने ही पूरे जीवन काल में बुराई का नाश किया। भगवान शिव को नीलकंठ कहा जाता है। उन्होंने सागर मंथन में निकले विष का पान किया था। भगवान शिव सबसे अधिक पौरूषवान माने जाते हैं। इस वजह से सृष्टि में नीले रंगों का खास प्रभाव है. पीएम शायद ये भी बताने की कोशिश कर रहे थे कि लॉकडाउन में देशवाले भले ही घर पर रह रहे हैं, लेकिन कपड़े पहनने में साफ सफाई का ध्यान जरूर रखें.

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