बिहार रेजिमेंट को घातक प्लाटून ने ज्वाइन किया, 18 चीनियों की तो गर्दन तोड़ दी, लाशें नहीं उठा पा रहे थे चीनी

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बिहार रेजिमेंट के कमांडर संतोष बाबु पर चीनियों ने हमला कर दिया, 4 भारतीय सैनिक उन्हें लेकर कैंप की तरफ दौड़े, थोड़ी देर बाद बिहार रेजिमेंट में खबर फ़ैल गयी की कमांडर साहब को चीनियों ने मार दियाइसके बाद बिहार रेजिमेंट ने अपने कमांडर का बदला लेने की कसम खाई और बिहार रेजिमेंट को घातक प्लाटून ने भी ज्वाइन कर लिया इसके बाद रेजिमेंट ने जय बजरंग बलि का नारा लगाना शुरू किया जो की बिहार रेजिमेंट का युद्ध घोष है, और भारतीय सैनिको ने मरने मारने के तहत काम शुरू कर दिया 


इसके बाद चीनी सेना का जो हश्र हुआ है वो लम्बे समय तक चीनी सेना याद रखेगी, बिहार रेजिमेंट के सैनिको ने 60 से ज्यादा चीनी सैनिको को मौत के घाट उतारा है, ये आंकड़ा कुछ जानकारियों के अनुसार 100 पार का हैबिहार रेजिमेंट के जवानों ने हाथों में जो आया उस से चीनियों पर धावा बोला, ऐसी लड़ाई लड़ी गई जिसने चीनी सेना के होंश उड़ा दिए, बिहार रेजिमेंट के सैनिको ने 18 चीनी सैनिको की तो गर्दन तोड़ दी जब बाद में चीनी सेना की दूसरी टोली मृतक और घायल सैनिको को उठाने आई तो उनके कई सैनिको की गर्दने शरीर से लटक रहे थे, चीनी सैनिक अपने मारे गए सैनिको के लाशों को भी ठीक से नहीं उठा पा रहे थे, कईयों की रीढ़ की हड्डियाँ टूटी हुई थी

चीनी सेना को इस बात की उम्मीद ही नहीं थी की भारतीय सैनिक इतने खतरनाक है, भारतीय सेना ने संख्या कम होने के बाबजूद चीनी सैनिको को उनकी असल औकात बता दीइस संघर्ष में 20 जवानों ने वीरगति को प्राप्त किया, पर मरने से पहले हमारे जवानों ने 60 से ज्यादा चीनियों को मौत के घाट उतारा, भारत तो अपने जवानों को नमन कर रहा है, चीन का तो वो हाल हुआ है की किरकिरी के डर से वो अपने जवानों के आंकड़े तक को नहीं बता पा रहा