सुशांत की सुसाइड के पीछे था यें कारण , पुलिस पूछताझ मे हुया खुलासा..

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रिश्ते में आई नई दरार ही सुशांत की मौत की वजह
सुंशात का घर छोड़कर चली गई थीं गर्लफ्रेंड रिया
अप्रैल के बाद से ही सुंशात का अवसाद बढ़ गया था
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की शोहरत कायम थी. फिल्में बराबर मिल रही थीं. फिल्में बॉक्स आफिस पर अच्छा प्रदर्शन भी कर रही थीं. हर फिल्म के लिए छह से आठ करोड़ रुपए उनकी तय फीस भी उन्हें बिना परेशानी के मिल रही थी. एक वेब सीरीज के लिए भी करीब 14 करोड़ में डील तय हो चुकी थी. तो फिर सुशांत को किस गम ने मारा? मुंबई पुलिस सूत्रों की मानें तो लॉकडाउन के बीच का अकेलापन और रिश्ते में आई एक नई दरार ही सुशांत की मौत की वजह बनी. खास कर सुशांत की जिंदगी अप्रैल के बाद बिल्कुल ही बदल गई थी.

जब जिंदगी की गाड़ी अटक जाए और वो स्टार्ट होने में मुश्किल पैदा करने लगे तो जरूरी नहीं कि जिंदगी खराब है. कभी कभी गाड़ी की तरह जिंदगी के कार्बोरेटर में भी कचरा फंस जाता है. पर उसके लिए हम गाड़ी नहीं छोड़ देते हैं. बल्कि कार्बोरेटर से कचरा निकालते हैं. अपनी बिखरी हुई जिंदगी को इकट्ठा करते हैं. उन गलतियों को दूर करने की कोशिश करते हैं जो जिंदगी में रुकावट पैदा कर रही हैं. और फिर जिंदगी खुद ब खुद स्टार्ट हो जाती है. कार्बोरेटर में कचरा फंसने का मतलब ये कतई नहीं कि जिंदगी को मौत के गैराज में हमेशा हमेशा के लिए खड़ा कर दिया जाए.

सच में कामयाबी और नाकामी तो समाज ने बनाई है. और इंसान ने उसे ही जिंदगी की हकीकत समझ लिया. मगर सुशांत ने ऐसा क्यों किया जबकि वो तो मशहूर भी थे और कामयाब भी. तो फिर वो कौन सा गम था, जो सुशांत को खा गया? आखिर सुशांत ने खुदकुशी क्यों की. मुंबई पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ये बताती है कि सुशांत की मौत गले में फंदा कसने की वजह से हुई.

गले पर फंदे के निशान भी यही बता रहे हैं कि सुशांत खुद फंदे से झूले, ना कि किसी और ने उन्हें फंदे पर लटकाया. फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक सुशांत के गले पर फंदे के वी के निशान हैं. वी का निशान ये बताता है कि मौत फंदे से झूलने से हुई है. अगर किसी को मारने के बाद फंदे पर लटका दिया जाए, तो फिर वी का निशान नहीं, बल्कि ओ का निशान बनता है.