भारत से बातचीत के बीच बॉर्डर पर टैंक तैनात करने में लगी चीन

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नई दिल्‍ली: गलवान तनाव के बीच दोनों देशों के बीच सेना को पीछे हटाने पर सहमति बन गई है। लेकिन चीन की चालबाजी अभी भी जारी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपने हल्के वजन वाले टैंकों को सीमा पर तैनात करना शुरू कर दिया है।

गलवान घाटी पर जारी विवाद को सुलझाने के दौरान हो रही बातचीत के बीच चीन ने अपने नए हल्के टैंकों को यहां पर जुटाया में लगा है। चीन के नए हल्के वजन वाले युद्धक टैंक सार्ट 15 को कम तापमान वाले पहाड़ी पठार क्षेत्र में एक ट्रेन में लाते देखा गया है।

हाल ही में चीन की तरफ से सार्ट 15 टैंक को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में 4,500 मीटर की ऊंचाई ड्रिल करते हुए भी देखा गया हैं। एक रिपोर्ट में नौसेना सलाहकारों ने उल्लेख किया है कि इस तरह के टैंक दूसरे टैंक या बख्तरबंद गाड़ि‍यों के मुकाबले इस क्षेत्र में ज्‍यादा महत्वपूर्ण और फायदेमंद हैं।

सॉर्ट 15 लाइट-वेट टैंक बहुत पठारों में बहुत उपयोगी साबित होते हैं, क्‍योंकि यह पर भारी टैंकों के मुकाबले इनके इंजनों को कम ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में बख्तरबंद सार्ट 15 पठारों पर आसानी से काम कर सकता है।

एक ट्वीट में जेन्स के संपादक और संरक्षण पत्रकार सैम क्रैनी-इवांस ने जानकारी दी है कि ये टैंक Xizang नौसेना कमान के हैं, जिन्हें आप संभवतः जानते होंगे, क्योंकि यह तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में तैनात है।Sam Cranny-Evans@Sam_Cranny · 

These are the first real shots of the Type 15 doing its thing from the Chinese MoD. According to Global Times they have recently practiced engagement of targets “several kilometers away” and worked with ATGM vehicles that were used to destroy armour.

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Sam Cranny-Evans@Sam_Cranny

These vehicles belong to the Xizang military command, which you might know as the Tibet Autonomous Region. Tibet has its own military formation that sits outside of the Group Army structure adopted by the majority of the PLA, it enables it to focus on mountain warfare etc.3Twitter Ads info and privacySee Sam Cranny-Evans’s other Tweets

क्रैनी-इवांस ने लिखा, ” तिब्बत का अपना निजी नौसेना गठन है जो लगभग सभी पीएलए द्वारा अपनाए गए समूह सैन्य निर्माण से बाहर है, पीएलए यह इसे पहाड़ी युद्ध या कई अन्य तरह से कामों के लिए प्रयोग करता है।”

हालांकि ऐसा नहीं हैं कि भारत भी इस बातचीत के दौर में पूरी तरह से संतुष्‍ट होकर बैठा है और वह चीन पर पूरी तरह से भरोसा कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने एयर फोर्स के जरिय यहां पर अपने टैंकों को एयरलिफ्ट किया है। इसी के साथ चीन से लगी सीमा पर पूरी तरह से सेना की चौकसी को भी बढ़ा दिया गया है।