बड़ी खबर: अब भारत में ही अम्बानी इजराइल की मदद से बना रहे हैं हथियार, बोले-एक भी सैनिक शहीद नहीं होने दूंगा

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पाकिस्तान और चीन में खलबली मचाने वाली दुनिया की मशहूर कंपनी राफेल डिफेंस और रिलायंस के बीच पिछले दिनों हुए करार पर जल्द अमल होने जा रहा है। इसके लिए रिलायंस को हवाई पट्टी के लिए जमीन देने की खोज शुरू हो गई है। दरअसल, भारत सरकार राज्यों के साथ मिलकर नई रक्षा उपकरण निर्माण नीति लाई है।

मप्र सरकार ने केंद्र की इस नीति पर अमल करते हुए देश की पहली रक्षा विनिर्माण नीति तैयार की है। इसी के तहत रिलायंस डिफेंस का इजरायल की आयुध कंपनी राफेल के साथ मिलकर मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम और एयरोस्टेट के निर्माण का प्रोजेक्ट मप्र के पीथमपुर में हवाई पट्टी के बनने के बाद शुरू होगा। एक ओर पाकिस्तान और चीन को जोडऩे वाले सड़क प्रोजेक्ट का काम बड़ी तेजी से चल रहा है।
इससे सीमा पार के तनाव और जमीनी हमले की आशंकाओं के बीच भारत सरकार अब अपनी हवाई हमले की रणनीति को मजबूत करने जा रहा है। इसके तहत स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण में देश की कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आपको बता दें कि इंदौर के समीप पीथमपुर में लगाए जाने वाले इस संयंत्र पर तकनीकी खर्च के अलावा 1300 करोड़ रुपए का प्रारंभिक निवेश किया जाएगा। इसमें तीन हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

कंपनी ने बताया कि संयुक्त उपक्रम वाली कंपनी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम बनाएगी। सेना की मौजूदा जरूरतों के आधार पर कंपनी का अनुमान है कि संयुक्त उपक्रम 10 साल में 65 हजार करोड़ रुपए का कारोबार करने में सक्षम होगी।