अभी अभीः चीन को भारत की खुली ललकार, सीमा पर पहली बार..

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नई दिल्ली: भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में अपने सबसे ताकतवर T-90 भीष्म टैंक को तैनात कर दिया है और इस खबर के बाद से चीन बौखलाया हुआ है. अब चीन को अक्साई चिन गंवाने का डर सताने लगा है. ऐसे में डरा हुआ चीन LAC पर सैनिक बढ़ा रहा है. इस बीच खबर आ रही है कि भारत ने भी लद्दाख में अपनी तीन डिवीजन आर्मी तैनात कर दी है.

अक्साई चिन भारत का हिस्सा है लेकिन अभी चीन के कब्जे में है. चीन से अक्साई चिन वापस लेने के लिए हिंदुस्तान ने बड़ी तैयारी कर ली है. भारत की इन्हीं जबरदस्त तैयारियों से चीन डर गया है. चीन अक्साई चिन गंवाने के डर से LAC पर सैनिक बढ़ा रहा है. इसी के जवाब में भारत ने लद्दाख सीमा पर अपनी तीन डिवीजन आर्मी तैनात कर दी है.

बॉर्डर पर जैसे-जैसे चीन अपनी तैनाती बढ़ा रहा है, वैसे-वैसे भारत भी अपनी ताकत बढ़ा रहा है. आपको बता दें कि 1962 के समय लद्दाख सीमा पर जहां सिर्फ 1 ब्रिगेड रहते थे (सिर्फ 2000 जवान) आज उस जगह की रक्षा के लिए 3 डिविजन मौजूद हैं. यानी लगभग 45 हजार जवान. पहाड़ी इलाकों में जो रेश्यो होता है वो है 1:12 का, यानी 45 हजार जवानों का मतलब है कि चीन को 5 लाख सैनिक लाना होंगे जो संभव नहीं है.

आपको बता दें कि पिछले साल 5 अगस्त को लद्दाख को UT बनाने पर चीन ने आपत्ति जताई थी. अक्साई चीन से होकर तिब्बत से शिंजियांग प्रांत जाने का आसान रास्ता है. अगर ये रास्ता नहीं होगा को काराकोरम रेंज होकर जाना पड़ेगा. अगर भारत अक्साई चिन की तरफ बढ़ेगा तो चीन को न सिर्फ अक्साई चिन खोने का डर है बल्कि शिंजियांग प्रांत भी खो सकता है.

कहां है अक्साई चिन ?

केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा है

काराकोरम पर्वत शृंखला के बीच है

समुद्र तल से ऊंचाई 17 हजार फीट

कश्मीर के कुल क्षेत्रफल का करीब 20%

क्षेत्रफल करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर

अक्साई चिन पर चीन का अवैध कब्जा

अक्साई चिन विवाद क्या है?

अक्साई चिन लद्दाख का हिस्सा है

क्षेत्रफल 37,244 किलोमीटर

अक्साई चिन पर चीन का अवैध कब्जा

1947 के बाद चीन ने शुरू की घुसपैठ

1957 में चीन ने सड़क बनाई

1958 में चीन ने अपने नक्शे में दिखाया

1962 युद्ध के बाद चीन का कब्जा

1963- पाकिस्तान ने चीन को अक्साई चिन दिया