गुजराती पुलिस वाली सुनीता यादव भी कर रहीं थी वही ,जो मंत्री के बेटे ने किया था…

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sunita yadav viral video: सुनीता यादव जो गुजरात पुलिस से संबंधित है, अपने वायरल वीडियो के कारण देश में चर्चा का विषय बन गई है। गुजरात के मंत्री किशोर कनानी के बेटे सुनीता यादव के साथ लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के लिए बहस का एक वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर लेडी सिंघम उन को भी बुलाया जा रहा है।

खबर आई कि इस घटना के बाद सुनीता का तबादला कर दिया गया है। परिणामस्वरूप, stand with Sunita yadav, Stop Transfer Sunita Yadav और i support Sunita Yadav जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। जबकि देश में सुनीता यादव के पक्ष में माहौल बन रहा था, तो वही सुनीता की एक तस्वीर ने बहस को मोड़ दिया। एक पुरानी तस्वीर की गलती जिसके लिए सुनीता मंत्री के बेटे को छेड़ रही थी, बता रही है कि उसने भी वही अपराध किया है।

सुनीता को इस बात पर बड़ी आपत्ति थी कि एक मंत्री का बेटा विधायक की तख्ती लेकर अपनी कार पर क्यों चल रहा है। लेकिन, वीवीआईपी कल्चर से लड़ने वाले योद्धा के रूप में देखी जाने वाली सुनीता यादव को, अपने पिता की निजी कार पर पुलिस की गद्दी मिल गई!

लोगों को उनके सोशल मीडिया टाइमलाइन पर एक तस्वीर मिली, जिसमें सुनीता सिविल ड्रेस में अपने पिता के साथ कार के सामने खड़ी हैं। और पीछे उनकी कार के शीशे पर पुलिस लिखा दिखाई दे रहा है। सुनीता द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई यह तस्वीर जब वायरल हो गई है, तो उन्होंने जो सफाई दी बिल्कुल भी गले नहीं उतर रही।

मंगलवार को फेसबुक लाइव के लगभग 45 मिनट में, सुनीता ने बहुत ही लचरता से अपनी तस्वीर का बचाव किया। उनके अनुसार- “मैं मानती हूं कि हमारी पर्सनल कार पर पुलिस का बोर्ड लगाना गलत था। मुझे इसका अधिकार नहीं था। मैंने देखा था कि कई लोग अपनी गाड़ी पर पुलिस को बोर्ड लगाते हैं तो मैंने भी लगा लिया। जब ये तस्वीर ली गई तब मैं अपने पिता के साथ दूसरे राज्य जा रही थी। और हमारा वहां पहुंचना जरूरी था। मैंने सोचा यदि कार पर पुलिस लिखा होगा तो मेरे स्टाफ के पुलिस वाले मेरे साथ अच्छा व्यवहार करेंगे। पुलिस वाले फ्रस्टेशन में काम करते हैं। वे बहुत काम करते हैं, इसलिए उनका दिमाग गरम होता है।”

सुनीता यादव का यह स्पष्टीकरण उसके रवैये के खिलाफ है, जो उसने उस रात मंत्री के बेटे के खिलाफ दिखाया था। यदि मंत्री का बेटा अपनी कार पर विधायक लिखकर लाभ लेना चाहता है, तो सुनीता यादव अपनी कार पर पुलिस लिखकर यही काम कर रही थी। यानी मौका आने पर दोनों में से कोई भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने से नहीं चूक रहा है।

वीवीआईपी कल्चर हमारी जड़ों में गहराई से समाया हुआ है। अगर मंत्री विधायक अपनी लाल बत्ती की छाया के नीचे रहना चाहते हैं, तो पुलिस महकमे में खाकी वर्दे और डंडे की अकड़ आसानी से देखी जा सकती है। मंत्री के बेटे के साथ बहस में सुनीता यादव को देखा जा सकता है कि वह कई बार मा-रने के लिए छड़ी उठा रही है।

सुनीता यादव ने इस फेसबुक लाइव के माध्यम से बात की है: