चीन से चौकन्ना भारत- अमेरिकी विमानवाहक निमित्ज के साथ भारत की नौसेना का युद्धाभ्यास

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New Delhi : भारत और चीन के बीच लद्दाख में एलएसी को लेकर जारी तनाव के बीच 20 जुलाई को भारतीय नौसेना ने बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास अमेरिकी नौसेना के युद्धक समूह के साथ सैन्य अभ्यास में भाग लिया।
परमाणु-संचालित विमान वाहक अमेरिकी फ्लोटिला, यूएसएस निमित्ज के नेतृत्व में भारतीय जहाजों ने दोनों बलों के बीच विश्वास के निर्माण के लिये पासिंग एक्सरसाइज पैसेक्स नामक युद्धाभ्यास किया। निमित्ज़ और यूएसएस आर-निमित्ज़ और यूएसएस रोनाल्ड रीगन विमानवाहक पोत नेविगेशन की स्वतंत्रता और चीन की विस्तारवादी योजनाओं को रोकने के लिये संघर्षरत दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

रोनाल्ड रीगन कैरियर स्ट्राइक समूह के लिए सार्वजनिक मामलों के अधिकारी शॉन ब्रोफी ने कहा- मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यूएसएस निमित्ज़ और यूएसएस रोनाल्ड रीगन दक्षिण चीन सागर में एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक का समर्थन करने के लिये दोहरे वाहक संचालन और अभ्यास कर रहे हैं।
यूएसएस निमित्ज को दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा घातक हथियारों से लैस विमानवाहक युद्धपोत माना जाता है। इस पर परमाणु हथियारों के साथ ही अत्याधुनिक सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों की भी तैनाती है। भारत के चार युद्धवाहक ने इसमें हिस्सा लिया। भारत ने हाल ही में ऐसे ही युद्धाभ्यास फ्रांस और जापान की नौसेनाओं के साथ भी किये हैं। इन तीनों ही अभ्यासों में भारतीय नौसेना ने आक्रमण और सुरक्षा की प्रणालियों के साथ ही अपने कमांडो की टुकड़ी की काबिलियत का बखूबी परीक्षण किया।

कोरोना वायरस महामारी के बाद पूरे विश्व में चीन के खिलाफ माहौल बन रहा है। खासकर कोरोना काल में जब पूरी दुनिया कोरोना से परेशान हैं तो चीन अपने विस्तारवादी योजनाओं को अंजाम दे रहा है। चीन जबरिया घुसपैठ को लेकर भारत समेत अपने सारे पड़ोसियों से भिड़ गया है।