बड़ी खबर : चीन के बाद अब अमेरिका ने बनाया कोरोना वायरस, करने वाले है बड़ा……😱😨

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि 2021 से पहले कोरोना के वैक्सीन बनने की कोई उम्मीद नहीं है. दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ करोड़ को पार कर गई है और मरने वालों की संख्या छह लाख 24 हज़ार हो गई है। भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 12 लाख को पार कर गई है और मौत का आंकड़ा 29 हजार को पार कर गया है। अब शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस का ही डुप्लिकेट तैयार किया है। यह नकली कोरोना वायरस की तरह है और इसकी खास बात यह है कि ये नकली वायरस महामारी नहीं फैलाएगा, बल्कि इसे रोकने में मदद करेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह आखिर कैसे काम करेगा

खबरों के अनुसार आपको बता दे की अमेरिकी शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में जेनेटिकली बदलाव करके सिर्फ प्रोटीन से ऐसा वायरस बनाया है जो कोरोना की तरह दिखता है। यह काफी हल्का है और यह कोरोना महामारी नहीं फैलाता। इस नकली वायरस में ‘इंसानों में कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॉडी पैदा करने’ की क्षमता है। बताया जा रहा है कि इस वायरस का इस्तेमाल दुनियाभर में दवाओं और वैक्सीन की जांच के लिए हो सकेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की इस वायरस को वेसिकुलर स्टोमेटाइटिस वायरस (VSV) नाम दिया गया है। इसे वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने तैयार किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह वायरस स्वस्थ कोशिकाओं को संक्रमित करता है तो शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी इसे टारगेट करती है, ठीक उसी तरह, जिस तरह कोरोना के मामले में होता है। इस वायरस के जरिए शरीर में एंटीबॉडीज को कोरोना से लड़ने के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है।