बबलू बबलू बबलू… 2+9 होता 5… ‘पीने लगे रवीश, राफेल-राम मंदिर से हिला संतुलन’ – लोगों ने लिए मजे

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राफेल विमान आखिरकार भारत पहुँच चुके हैं और अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि पर भूमिपूजन की तारीख नजदीक आती जा रही है। लेकिन इन घटनाओं का कुछ लोगों पर अभी से ही बहुत विपरीत परिणाम देखने को मिल रहे हैं। NDTV के पत्रकार रवीश कुमार भी उन कुछ लोगों में से एक हैं, जिन पर राफ़ेल के भारत पहुँचने का विपरीत असर हुआ है और यह कल के उनके प्राइम टाइम शो में स्पष्ट नजर भी आ रहा। पंचांग और तारीखों ने रवीश को बदलकर रख दिया है।

रवीश कुमार राफ़ेल के भारत पहुँचने से इतने बौखलाए हुए हैं कि लोग उन्हें ‘पीकर’ प्राइम टाइम ना करने तक की सलाह देते नजर आए। जबकि, हकीकत में रवीश कुमार शराब पीकर नहीं बल्कि अपने अंदाज में यह शो करते हुए तारीख, कैलेण्डर, पंचांग, दिन, वार और ब्रह्माण्ड की तमाम चीजों को कोस रहे थे।

अयोध्या श्रीराम मंदिर के भूमिपूजन की ओर इशारा करते हुए रवीश ने कहा कि 5 अगस्त को देश उत्साह में डूबा होगा और वो ऐतिहासिक होने वाला है। उन्होंने कहा कि अम्बाला में जिन राफ़ेल विमानों का अवतरण हुआ, उनकी संख्या भी 5 है। उन्होंने ‘इच्छा जताई’ कि काश 2 और 9 का जोड़ भी 5 होता तो और मजा आता। इस दौरान उनके साथ स्क्रीन पर भारतीय हिन्दू पंचांग के पन्ने नजर आते रहते हैं।

यही नहीं, रवीश कुमार ने कल शाम के अपने शो में इस बात से भी आपत्ति जताई कि भारत के मंत्री अपने देश के स्वतन्त्रता सेनानियों के जन्मदिन और उनकी पुण्यतिथि तक मनाते हैं और ट्विटर पर इस बात की चर्चा करते हैं। रवीश ने दुःख प्रकट करते हुए कहा है कि अब तो राहुल गाँधी भी हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ देने लगे हैं। रवीश ने कहा कि लोग ट्विटर पर ऐतिहासिक दिनों को मनाते हैं।

रवीश कुमार ने 10 मिनट तक एक ही बात को दोहराते रहने के बाद कहा कि न्यूज़ चैनल के एंकर एक ही बात को बार-बार दोहराते हैं, इसलिए उनके अच्छे दिन आ गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कर के एंकर कार्यक्रम को भरते हैं।

राफ़ेल से खिसियाए रवीश कुमार ने अन्य समाचार चैनल्स के समाचार दिखाने के तरीकों पर भी नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कहा कि लोग इन्हें देखते हैं, जबकि ‘मेहनत करने वाले पत्रकारों’ की कहानियों को लोग नहीं देखते। उन्होंने कहा कि टीवी के दर्शकों पर बहुत बोझ हो चुका है।

‘बबलू बबलू बबलू बबलू, बबलू के आगे बबलू…’

इसके अलावा रवीश कुमार की रिपोर्टिंग के इस अंदाज की एक अन्य क्लिप भी ट्विटर पर लोगों के बीच उपहास का जरिया बनी हुई है।

इसमें रवीश किसी घटना को कविता की शक्ल देते हुए कहते हैं – “बबलू भागा ही जा रहा है, बबलू आओ। पुलिस के आगे बबलू, बबलू के पीछे पुलिस। बबलू बबलू बबलू बबलू, भाग गया है देखो बबलू। जैसे बबलू खेल रहा हो अक्कड़-बक्कड़ बम्बे-बो, अस्सी-नब्बे पूरे सौ… बबलू निकल कर भागा। बबलू ने पुलिस को बबलू बना दिया है।”

रवीश कुमार द्वारा पढ़ी जा रही यह कवितानुमा रिपोर्ट, रवीश की रिपोर्टिंग के जैसे ही बिना सर-पैर और ओर-छोर के ट्विटर पर जमकर शेयर की जा रही है। फिलहाल दर्शकों को अब रवीश कुमार के अगले प्राइम टाइम का इन्तजार है। क्योंकि जिस तरह से रवीश कुमार राफ़ेल के भारत उतरने के बाद पेश आ रहे हैं, उनके चाहने वालों में राफ़ेल से ज्यादा दिलचस्पी अब रवीश को देखने में नजर आ रही है।