कोरोना के खिलाफ भारतीय वायुसेना की जंग, चुपचाप कर रही है ये काम

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देश में जब भी आपदा आती है भारतीय वायुसेना देश की मदद के लिए सबसे आगे खड़ी नज़र आती है. चाहे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से राहत सामग्री पहुंचानी हो या फिर भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में. डिमोनीटाईजेशन के वक़्त किस तारह वायुसेना ने देश के कोने कोने में नए नोट पहुंचाए थे, ये किसी से छुपा नहीं. जब पूरी दुनिया के साथ सतह भारत भी कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहा है तब भी वायुसेना चुपचाप देश की मदद में लगी हुई है.

कोरोना के खिलाफ जंग में न सिर्फ डॉक्टर, पुलिसकर्मी और सरकार जुटी हुई है बल्कि वायुसेना भी अपने अंदाज में कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है. देश के कोने कोने में राहत सामग्री पहुँचाना, मेडिकल सेटअप को एक जगह से दुस्सरे जगह पहुँचाना ये सब काम वायुसेना कर रही है.

भारतीय वायु सेना के 02 एएन -32 परिवहन विमान से बीते 06 अप्रैल को चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं की स्थापना के लिए ICMR के 19 कर्मचारियों और 3,500 किलो अन्य सामान को तांबरम से भुवनेश्वर तक पहुंचाया गया. ओड़िसा में चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं के साथ ICMR लैब की स्थापना के लिए सामानों और डॉक्टरों की टीम को वायुसेना ने अपने विमान से पहुँचाया.

भारतीय वायुसेना के IL-76 विमान ने पोर्वोत्तर के सुदूर क्षेत्रों में जरूरी मेडिकल सामान पहुँचाया. वायुसेना का Mi17V5 हेलिकॉप्टर भी उन क्षेत्रों में जरूरी सामानों की आपूर्ति कर रहा है जहाँ बड़े विमान नहीं जा सकते. बड़े मालवाहक विमानों के जरिये पूरी की पूरी लैब जरूरत वाले इलाकों में भेजी जा रही है. वायुसेना एयरबेस पर वायुसेना के हेलीकॉप्टर और विमान 24 घंटे कसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार खड़े हैं.

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