खुल गयी चीन की पोल, चीनी J-20 नहीं है 5th जनरेशन फाइटर, राफेल आने से भारतीय सेना चीन से हो गयी ताकतवर

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चीन के दलालों ने भारत में राफेल का पूरी शक्ति लगाकर विरोध किया, राजनितिक विरोध, सुप्रीम कोर्ट में भी राफेल को रोकने के लिए याचिका लगाई, हर कोशिश करी ताकि भारत को राफेल न मिल सके और इसकी वजह क्या है अब साफ़ हो चुकी है दरअसल राफेल के आने के बाद अब चीनी एयर फाॅर्स भारतीय एयर फाॅर्स के सामने कहीं नहीं टिक रही, चीन की पूरी पोल भी पूर्व वायु सेना प्रमुख धनोआ ने खोल के रख दी दरअसल भारतीय सेना के पास सुखोई 30 और अन्य फाइटर जेट्स थे, सुखोई 30 ही सबसे ताकतवर फाइटर जेट था, चीन के एयर फाॅर्स के पास भी सुखोई 30 है, वहीँ चीन की एयर फाॅर्स के पास भारत से ज्यादा फाइटर जेट्स थे, इसलिए चीन की एयर फाॅर्स का पलड़ा थोडा सा भारी था वहीँ चीन ये हौवा बना रहा था की उसने 5th जनरेशन का भी फाइटर जेट बना लिया है जिसका नाम J-20 है बता दें की चीन ने ये तो कह दिया की उसके पास 5th जनरेशन का फाइटर है पर असल में चीन ने इस J-20 की तैनाती किसी भी दुश्मन देश की सीमा के आसपास नहीं की चीन ने J-20 को न ही जापान न ही साउथ कोरिया न ही भारत की सीमा के आसपास तैनात किया और इसकी वजह ये है की चीन का J-20 5th जनरेशन का फाइटर जेट है ही नहींचीन ने बताया था की J-20 एक स्टील्थ फाइटर है, यानि इसे दुश्मन देश राडार से नहीं पकड़ सकते, पर चीन ने सबसे झूठ बोला था, उसका J-20 स्टील्थ फाइटर है ही नहीं और सिर्फ यही कारण है की चीन J-20 को कभी दुश्मन देशों की सीमा के आसपास तैनात करता ही नहीं असल में J-20 को दुश्मन देशों के राडार और फाइटर जेट डिटेक्ट कर लेते है, ये स्टील्थ फाइटर नहीं है और इसी कारण चीन इसे सिर्फ अपने देश के अन्दर ही छिपा कर रखता है पहले आपको हम 5th जनरेशन के 3 फाइटर जेट्स दिखाते है, साथ ही चीनी J-20 को भी दिखाते है, इनमे पहला है अमेरिकी F-22, दूसरा अमरीकी F-35 और तीसरा रुसी SU-57, और चौथा है J-20, इन चारों के ही डिजाईन को ध्यान से देखिये 



यहाँ आप F-22, F-35, SU-57 में और चीनी J-20 में फर्क देख सकते है, पहले के 3 फाइटर जेट्स 5th जनरेशन के है इनमे कर्नार्ड विंग नहीं लगे, जबकि चीनी J-20 में कर्नार्ड विंग लगे है यहाँ नोट करें की 5th जनरेशन फाइटर जेट में कर्नार्ड विंग होता ही नहीं, कर्नार्ड विंग का साफ़ मतलब है 4th जनरेशन फाइटर जेट, अब कुछ 4th जनरेशन के फाइटर जेट्स देखिये जिसमे कर्नार्ड विंग है

आप भारतीय सुखोई-30, राफेल, और यूरोपियन यूरो फाइटर को देख सकते है, इन सभी में कर्नार्ड विंग्स आपको दिखाई देंगे, चीनी J-20 में भी कर्नार्ड विंग है, ये सभी जेट्स 4th जनरेशन के हैबइमान चीन जिस J-20 को 5th जनरेशन का फाइटर जेट बताता है वो असल में 4th जनरेशन का ही फाइटर जेट है ऊपर से ये स्टील्थ भी नहीं है यानि इसे दुसरे देश आसानी से राडार से डिटेक्ट कर सकते है यही कारण है की बइमान चीन J-20 को किसी दुसरे देश की सीमा पर लेकर जाने की हिम्मत करता ही नहीं, चीन की पोल खुल चुकी है अब पहले भारतीय सेना के पास सुखोई-30 ही था जो की 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट है, अब राफेल भी आ गया ये भी 4.5 जनरेशन का फाइटर जेट है और राफेल के आने से ही जो चीनी एयर फाॅर्स भारतीय एयर फाॅर्स पर थोड़ी से भारी थी, अब भारतीय एयर फाॅर्स चीनी एयर फाॅर्स पर भारी हो चुकी है, और इसी कारण चीन ने भारत में मौजूद अपने दलालों से राफेल का इतना विरोध करवाया था