कम्युनिस्ट शासित केरल में जाओ और हिंदुओं के खिलाफ एकजुट हो जाओ”, ज़ाकिर नाइक का मुस्लिमों को आवाहन

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केरल कांग्रेस और वामपंथी शासन में आतंकियों का हब बन चुका है और सभी इसका फायदा उठाना चाहते हैं। आतंकी उपदेशक ज़ाकिर नाइक ने हाल में ही एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि सभी मुसलमानों को केरल में जा कर अपनी एक पार्टी बनानी चाहिए और हिंदुओं के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।

दरअसल, मलेशिया भागने के बावजूद ज़ाकिर नाइक भारत और दुनिया भर में अपने अनुयायियों तक सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से पहुंच बना रहा है और भारत के मुसलमानों को भड़काना जारी रखे हुए है। शुक्रवार को ज़ाकिर नाइक के आधिकारिक फेसबुक चैनल ने एक वीडियो अपलोड किया जिसमें उसने एक भड़काऊ भाषण देते हुए भारतीय मुसलमानों को भाजपा सरकार के “उत्पीड़न” का जवाब कैसे देना चाहिए” सवाल का जवाब दिया। इसमें उसने बताया कि जो मुस्लिम अपने आप को बचाना चाहते हैं वे केरल चले जाए। नाइक ने कहा कि “सबसे अच्छा राज्य जो मैं सोच सकता हूं वह है केरल जो मुसलमानों के प्रति अधिक उदार है”।

जाकिर नाइक ने केरल का नाम यूं ही नहीं लिया है। पिछले कई वर्षों से केरल आंतकियों और इस्लामिस्टों का गढ़ बन चुका है और कम्युनिस्ट शासन में संरक्षण भी प्राप्त है। पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में अफ़ग़ानिस्तान में 1400 पुरुषों और महिला आतंकवादियों ने सरेंडर किया था जिसमें कई भारतीय भी थे। उनमें से लगभग सभी केरल से ही थे। केरल भारत का सबसे ज़्यादा अतिवादी राज्य माना जाता है जहां आतंकवादियों का आतंकी नेटवर्क बेहद मजबूत है। केरल पिछले कुछ सालों में वहाबी गतिविधियों और कट्टर इस्लाम के हब के रूप में उभरकर सामने आया है। कई वर्षों से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठन फल-फूल रहे हैं और ये कट्टरपंथी विचारों के प्रचार-प्रसार बेखौफ तरीके से करते हैं।

आतंकियों में काबुल के गुरुद्वारे पर हमला करने वाले 29 वर्ष का मोहसिन केरल के कसारगोड़ का रहने वाला था। इसके बारे में बताया गया कि ये 2 वर्ष पहले केरल से UAE चला गया था। पिछले वर्ष अप्रैल में श्रीलंका में हुए आतंकवादी हमले का भी केरल से कनेक्शन सामने आया था।

कुछ दिनों पहले ही संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारत के केरल और कर्नाटक प्रांत में इस्लामिक स्टेट (आइएस) के सहयोगी संगठन हिंद विलयाह के 150 से 200 आतंकी मौजूद हैं और हमला कर सकते हैं।

कांग्रेस और वामपंथी राजनीतिक दल अपने निजी स्वार्थ के लिए मुस्लिम और ईसाई वोट बैंक का तुष्टीकरण करते रहे हैं। केरल से आए दिन मीडिया में मुस्लिम युवाओं को कट्टर बनाने, कट्टरता को बढ़ावा देने, कट्टरता पर आधारित स्कूल खोलने और युवाओं की गिरफ्तारी की ख़बरें आती रही हैं। इस्लाम पर भाषण देने वाले लोग चर्चा में रहते हैं। उनके बड़े-बड़े पोस्टर और कट आउट सड़कों और चौराहों पर उसी तरह से लगे हुए होते हैं जैसे चुनाव के दौरान नेताओं के लगे होते हैं। यहाँ मिस्र के इस्लामी स्कूलों से प्रभावित होकर बच्चों के कई इस्लाम समर्थित स्कूल भी बनाए गए हैं। इसके साथ ही केरल में हिंदू लड़कियों के साथ लव जिहाद के कई मामले भी सामने आए थे। केरल हाईकोर्ट ने भी आशंका जताई है कि ISIS के इशारे पर लव जिहाद के जरिए लड़कियों को फंसा कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

केरल में पिछले दस सालों के दौरान करीब दस हजार लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया। इसके अलावा केरल से युवकों के गायब होने की भी खबरें आती रही हैं जो बाद में जाकर इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन में शामिल हो जाते हैं। जनवरी 2016 में केरल के 20 युवक गायब होने और इन सभी के आतंकी संगठन ISIS में शामिल होने की खबर आई थी। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के अब तक 98 महिला, पुरुष और बच्चे आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल हो चुके हैं।

केरल में हमेशा दो ही विचारधाराओं का सत्ता पर कब्जा रहा है। एक विचारधारा वामपंथियों की है, दूसरी विचारधारा कांग्रेस की है। इन दोनों ने ही मिल कर इस तरह से राज्य में इस्लामिक तुष्टीकरण किया है कि आज यह राज्य आतंकियों का हब बन चुका है। केरल की राजनैतिक हत्याएं इन्हीं तीनों के संगठन का नतीजा हैं। पिछले वर्ष गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि केरल में पिछले कुछ वर्षों में BJP- RSS के 120 कार्यकर्ताओं की हत्या की गई।

केरल में ज़ाकिर नाइक को एक हस्ती के रूप में देखा जाता है शायद यही कारण है कि अपने वीडियो में इस भगोड़े आतंकी ने भारत के मुसलमानों को भड़काते हुए केरल जा कर हिंदुओं के खिलाफ एक होने की बात कही है। यह हैरानी की बात है कि ज़ाकिर नाइक जैसे लोगों से खतरे को देखते हुए भी इसके चैनलों को बैन नहीं किया गया है। भारत सरकार को अब तुरंत एक्शन लेते हुए इस आतंकी को मलेशिया से भारत बुला कर जेल के तहखाने में बंद कर देना चाहिए।