अमेरिकी वैज्ञानिकों ने किया खुलासा,कब तक जिंदा रहेगा कोरोना वायरस,

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न्यूज डेस्क: वर्तमान समय में 200 से ज़्यादा देश कोरोना वायरस के ख़ौफ़ में जी रहे हैं। वायरस से बचाने वाली कोई दवा नहीं है। वायरस को ख़त्म करने वाला कोई टीका नहीं है। घबराइए मत, मौजूदा कोरोना वायरस को लेकर 1 करोड़ वैक्सीन बन रही हैं। ये ऐसी वैक्सीन है, जिसके शुरुआती नतीजे उम्मीद जगाते हैं कि ये कोरोना वायरस पर असरदार होगी। लेकिन रिसर्च भी सामने आई है कि अगर बहुत दिनों तक कोरोना वायरस रहा तो ये सीज़नल फ्लू बन सकता है।

अमेरिका भी कोरोना की क़ैद में तड़प रहा है। दुनिया में सबसे ज़्यादा प्रभावित देश अमेरिका ही है। अमेरिका की कोरोना वायरस टास्क फोर्स ने इसे लेकर एक नया दावा किया है। टास्स फोर्स का कहना है कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि कोरोना सीज़नल फ्लू या मौसमी बीमारी बन सकता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च में भी ये बात सामने आई है। अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च में कहा गया है कि जबतक कोरोना वायरस का कोई असरदार इलाज या वैक्सीन नहीं मिल जाती, तब तक इस महामारी को खत्म करना नामुमकिन है।
रिसर्च कहती है कि वैक्सीन के बिना कोरोना सीजनल फ्लू बन सकता है। अगर ऐसा हुआ तो 2025 तक हर साल इसका संक्रमण फैलने की संभावना है, क्योंकि कोविड 19 उसी फैमिली का वायरस है, जो 2002 में सार्स और 2015 में मर्स के रूप में फैला था।
कोरोना वायरस अगर कई महीनों तक इंसानों में रहा तो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इसे सीज़नल फ्लू बना सकती है। ऐसे में ये हर साल मानव शरीर को किसी ख़ास मौसम या हालात में संक्रमित कर सकता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी कहती है कि अगर कोविड-19 को लेकर हमारे अंदर इम्युनिटी बन भी गई तो भी इसे पूरी तरह खत्म होने में 2025 तक का समय लग सकता है।