सिर्फ हिन्दुओ की गाड़ियाँ जलाई, E-वाहन ऐप का इस्तेमाल कर हिन्दुओ की गाड़ियाँ पहचानी फिर जलाई

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जिन मजहबी उन्मादियों को अक्सर पंचरवाला समझा जाता है उन लोगो ने तकनीक का इस्तेमाल कर हिन्दुओ को निशाना बनाया था फ़रवरी 2020 में हिन्दुओ के खिलाफ दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाकों में दंगे किये गए, चुन चुन का हिन्दुओ को ही निशाना बनाया जाये इसके लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया दिल्ली पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे है, जानकारी ये सामने आई है की हिन्दुओ की गाड़ियों को पहचानने के लिए इ-वाहन ऐप का इस्तेमाल किया गया दंगा ग्रस्त इलाकों में बड़े पैमाने पर गाड़ियों को निशाना बनाया गया जो सड़कों पर खड़ी थी, सिर्फ हिन्दुओ की ही गाड़ियाँ जलाई जाये इसकी प्लानिंग की गयी 



जिन गाड़ियों पर कोई हिन्दू चिन्ह मिलता उन्हें तुरंत फूंक दिया जाता जैसे की कोई स्टीकर या देवी देवता की तस्वीर या डैश बोर्ड पर रखी कोई देवी देवता की मूर्ति इन गाड़ियों की पहचान आसान थी, पर कुछ गाड़ियाँ ऐसी भी थी जिनपर कोई हिन्दू चिन्ह नहीं थे, उनको भी जलाया गया, और वो गाड़ियाँ हिन्दुओ की ही है इसके लिए इ-वाहन ऐप का इस्तेमाल किया गया गाड़ियों के नंबर को ऐप पर डालकर मालिक का नाम चेक किया गया, जो गाड़ियाँ हिन्दुओ के नाम पर रजिस्टर थी उन्हें तुरंत जला दिया गया 

तकनीक का इस्तेमाल कर हिन्दुओ की गाड़ियों की पहचान की गयी फिर चुन चुन का हिन्दुओ की गाड़ियों को जलाया गयादंगे में स्थानीय आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता शामिल रहे जिसमे अबतक सबसे बड़ा नाम आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन का है, इन लोगो ने दंगे के लिए करोडो की फंडिंग भी की थी