NDTV को भी नही मिल पाया किसान बिल के विरोध में कोई किसान,फिर नकली किसान से ही काम चलाया..

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संसद के अंदर कृषि विधेयक पास होने के बाद से ही विकास विपक्ष लगातार मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक उसी की बातें कर रहा है! ऐसे में न्यूज़ चैनल एनडीटीवी ने ही उनके निराधार प्रश्नों का जवाब अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग से दे दिया है! एनडीटीवी की रिपोर्टिंग की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है जिसके अंदर दो अलग-अलग तक जाकर कुछ सवाल पूछे जा रहे हैं! इस वीडियो में एक वह है जो वाकई में किसान है और उसको नए कानून से कोई आपत्ति नहीं है! वही वीडियो के अंदर एक और किसान है और जिसको मालूम ही नहीं है कि उनकी मांग क्या है!

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि कृषि विभाग किसानों के लिए कितने फायदेमंद है कि खुद एनडीटीवी भी ऐसे किसान नहीं ढूंढ पाया जो इस बिल का विरोध करें! इन दावों के साथ एनडीटीवी के पत्रकार श्रीनिवासन का वीडियो भी वायरल हो रहा है! श्रीनिवासन किसानों से पूछते हैं कि जो किसानों के लिए कानून लागू हुआ है उसके कारण कुछ किसान विरोध कर रहे हैं तो क्या वह लोग भी कानून के विरोध में है?

उनकी इस सवाल पर वहां पर मौजूद एक स्थान सिर्फ साफ-साफ सिर हिला करता है और कहता है कि वह इस कानून के विरोध में नहीं है पत्रकार के आसपास खड़े लोग भी इससे मना कर देते हैं कि वह इस कानून के विरोध में नहीं है! वहां मौजूद लोग कहते हैं कि इस कानून से बिचौलिए की भूमिका खत्म हो रही है मंडी तक जाने का समय बचेगा अपनी फसल किसान कहीं भी भेज पाएगा! इसी बीच एक किशन कहता है कि उनके पास प्राइवेट सेंटर है और वह चाहते हैं कि उनके इलाके में और भी सेंटर्स खुले! वहीं अन्य किसान कहते हैं कि उनके इलाके के आसपास कहीं कलेक्शन सेंटर है जिनको सामान्य रूप से उनकी मजदूरी भी नहीं कटती! कैश भी सीधा हाथ में मिलता है!

गौरतलब है कि अब एक नजर एनडीटीवी की रिपोर्टिंग पर भी डाल लीजिए! एनडीटीवी के रिपोर्टर वहां जाते हैं जहां नकली किसानों से उनकी मांग पूछी जा रही है! एनडीटीवी का रिपोर्टर सवाल करता है कि सरकार कह रही है यह बिल आपके हित में नहीं है? तो इस पर खड़े हुए उस नकली किसान की ओर इशारा करते हुए कहता है कि हां अभी फैसला होगा! वही इसके बाद रिपोर्टर पूछता है आप किसान ही है ना? जवाब मिलता है हां! फिर उसके बाद एनडीटीवी का रिपोर्टर पूछता है कि आपकी मान क्या है? इस पर तो साहब जवाब देने की जगह कहते हैं कि बता देंगे बाद में!

गौरतलब है कि एनडीटीवी की इन वीडियो को शेयर करके सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह कांग्रेस के खरीदे हुए कार्यकर्ता है जो नकली किसान बनकर विरोध कर रहे हैं! जब उनसे सवाल पूछा जाता है आपकी मांग क्या है तो जवाब मिलता है बता देंगे बाद में!