चीन की चालबाजियों का भारत ने दिया जवाब, इजरायल के साथ मिलकर बनाई ये ….

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चीन (China) को हर मोर्चे पर मात देने के लिए भारत (India) पूरी तरह तैयार है। इसके अलावा चीन की हर दिन सामने आ रहीं नई चालबाजियों का जवाब देने के लिए भी भारत पुख्ता इंतजाम कर रहा है। इसके तहत भारत ने इजरायल (Israel) के साथ मिलकर अत्याधुनिक हथियारों का पूरा तंत्र विकसित करने की योजना बनाई है।

इसके लिए भारत और इजरायल के रक्षा सचिव के नेतृत्व में 24 सितंबर को रक्षा सहयोग पर संयुक्त कार्यसमूह (Joint Working Group on Defence Cooperation) के अंदर एक नया सब-ग्रुप बना दिया गया।

इस रक्षा औद्योगिक सहयोग पर उप-कार्यसमूह (Sub-Working Group on Defene Industrial Cooperation) का मुख्य काम तकनीक के हस्तांतरण (Technology Transfer), रक्षा उपकरणों का संयुक्त विकास और उत्पादन, तकनीकी सुरक्षा, कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence), नवाचार (Innovation) और तीसरे देशों को संयुक्त निर्यात सुनिश्चित करना होगा।

भारत को हथियारों के आपूर्तिकर्ता देशों की लिस्ट में इजरायल (Israel) करीब दो दशकों से चौथे स्थान पर कायम है। वह भारत को हर साल करीब 1 अरब डॉलर (करीब 70 अरब रुपये) मूल्य का सैन्य निर्यात करता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “अब जब भारत का रक्षा उद्योग भी मजबूत हो रहा है तब दोनों देशों के बीच अनुसंधान एवं विकास (R&D) के साथ-साथ साझे विकास एवं उत्पादन की परियोजनाएं बढ़ाने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि इजरायल (Israel) मिसाइलों, सेंसरों, साइबर सिक्यॉरिटी और वायरस डिफेंस सब-सिस्टम्स के क्षेत्र में वर्ल्ड लीडर है। बहरहाल, भारतीय रक्षा मंत्रालय में रक्षा उद्योग एवं उत्पादन के संयुक्त सचिव संजय जाजू और इजरायली रक्षा मंत्रालय में एशिया ऐंड पसिफिक रीजन के डायरेक्टर इयाल कैलिफ (Eyal Calif) नवनिर्मित उप-समूह के नेतृत्वकर्ता हैं।

बता दें कि यह पहल ऐसे वक्त में हुई है जब भारतीय सशस्त्र बलों में सतह से हवा में मार करने वाले अगली पीढ़ी के बराक-8 मिसाइल सिस्टम्स शामिल किए जा रहे हैं। ये रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)और इजरायली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) की 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के तीन साझी परियोजनाओं का हिस्सा हैं।