मोदी शाह ने राजस्थान में अपना रास्ता साफ़ कर दिया और किसी को पता भी नही चला

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भारतीय जनता पार्टी ने वैसे तो अधिकतर राज्यों में अपनी सरकार बना रखी है और सब जगह पर बीजेपी काफी शक्ति के साथ में काबिज हो रखी है. मगर राजस्थान एक ऐसी जगह है जहाँ पर बीजेपी न सिर्फ विपक्ष में है बल्कि केंद्र की उतनी चल नही पा रही थी क्योंकि ऐसा माना जाता रहा है कि राज्य स्तर के कुछ नेता अपने आपको स्वतंत्र और सुपीरियर मानते है. ऐसे में लगातार राजस्थान बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन की मांग चल रही थी और लग रहा है कि अब ऐसा होने जा रहा है.

वसुंधरा को केंद्र की टीम में ले गयी भाजपा, अब हो सकता है नया मुख्यमंत्री उम्मीदवार
अभी हाल ही में जेपी नड्डा ने अपनी नयी बीजेपी की टीम की घोषणा की जिसमे वसुंधरा राजे सिंधिया का नाम भी था. उनको भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दे दिया गया है, यानी अब वो राष्ट्रीय स्तर की पार्टी की राजनीति में कार्य करेगी और राज्य के लिए उनका ध्यान और काम कम रहेगा, आप एक तरह से ये भी कह सकते है कि वसुंधरा राजे सिंधिया को राजस्थान से दूर कर दिया गया है.

अब राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन करना केन्द्रीय हाई कमान के लिए काफी आसान हो जाएगा जो संभवतः मोदी सरकार चाह भी रही है. सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा रहती थी कि वसुंधरा राजे और उनके समर्थक विधायक उनकी मनमर्जी चला रहे थे और अपने से दूर रहने वाले नेताओं के टिकट तक कटवा रहे थे. इससे राजस्थान भाजपा में काफी फूट पड़ी और संगठन कमजोर हुआ. बीच में राजस्थान में मोदी तुझसे बैर नही पर वसुंधरा तेरी खैर नही जैसे नारे भी प्रचलित हुए थे इससे बीजेपी को काफी हानि पहुंची थी.

माना जा रहा है कि अब राजस्थान बीजेपी में सिर्फ मोदी और शाह के चहेते चेहरे जैसे गजेन्द्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल आदि को आगे की भूमिका में लाया जाएगा. बाकी आगे क्या कुछ होता है ये देखने वाली बात होगी.