नार्को टेस्ट के आदेश से काँपे राहुल-प्रियंका, टेस्ट रुकवाने पहुंचे हाई कोर्ट, नहीं चाहते सच आये सामने

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सबको सच ही जानना है, मीडिया का भी सच, योगी सरकार का भी सच, कांग्रेस का भी सच और हाथरस की पीडिता के परिवार का भी सच सबको सच ही जानना है तो इसके लिए सबसे बेस्ट नार्को और पोलीग्राफी टेस्ट ही है, कल 2 अक्टूबर को योगी सरकार ने निर्णय लिया की तमाम पक्षों का नार्को टेस्ट होगा नार्को टेस्ट में एक दवाई दी जाती है और पूरी विडियो रिकॉर्डिंग की जाती है, जिस शख्स का नार्को टेस्ट होता है वो तोते की तरह पूछे गए सवाल का सिर्फ सच बोलता हैपालीग्राफी टेस्ट में भी व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ ये तुरंत ही पकड़ में आ जाता है, सबको सच ही जानना है तो फिर कोई भी नार्को या पोलीग्राफी टेस्ट का विरोध नहीं कर सकता 



पर राहुल गाँधी की टीम हाई कोर्ट पहुँच गयी है और ये हाई कोर्ट के जरिये अब हाथरस मामले में नार्को टेस्ट रुकवाने के लिए जोर लगा रहे है राहुल गाँधी की टीम का खास मेम्बर साकेत गोखले हाथरस मामले में नार्को टेस्ट के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा है, ये वही साकेत गोखले है जो राम मंदिर के भूमि पूजन को रुकवाने के लिए भी हाई कोर्ट पहुंचा था 

योगी सरकार सभी पक्षों का 12 अक्टूबर तक नार्को टेस्ट करवाना चाहती है ताकि इस मामले का पूरा सच सामने आ जाये, पर कांग्रेस अब नार्को टेस्ट के नाम से ही काँप रही है कांग्रेस नहीं चाहती की इस मामले में सच सामने आये और इसके लिए राहुल गाँधी ने अपनी टीम के खास आदमी साकेत गोखले को लगा दिया है ताकि वो किसी भी प्रकार नार्को टेस्ट को रुकवा सके