सीमा पर छिड़ी जंग में कूदा ये देश, युद्ध में आते ही डाली बड़ी धमकी !!

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जहां इन दोनों के बीच सं’घर्ष जारी है और त’मा’म देश शांति स’म’झौ’ते की न’सी’ह’त दे रहे हैं तो वहीं ट’र्की जं’ग में कू’दने के इ’रा’दे में न’ज’र आ रहा है।

आ’र्मीनि’या और अ’जर’बै’जा’न के बीच जं’ग मे ट’र्की की एं’ट्री

अ’र्मी’नि’या और अज’रबै’जा’न में हो रही जं’ग में ट’र्की खु’ल’कर अ’जरबै’जा’न का साथ देने का ए’लान किया है। ट’र्की की तर’फ से कहा गया कि वो अ’जरबै’जा’न का हर हाल में सर्मथन करेगा, वो चाहे बातचीत की मेज पर हो या यु’द्ध के मैदान में। रि’पोर्ट्:स के मु:ता’बिक, अ’र्मीनिया ने दावा किया कि ट’र्की अ’जर’बैजा’न की आ’र्मी की मदद के लिए सी’रिया’ई फा’इट’र्स और एफ-16 फा’इट’र जे’ट भे’ज रहा है। हा’लाँ’कि ट’र्की ने आ’र्मीनि’या के इस दा’वे को खा’रिज कर दिया।

आ’खि’र ट’र्की क्यों कर रहा अ’जरबै’जा’न का स’मर्थ’न:

द’रअस’ल, ट’र्की और अ’जरबैजा’न के बीच गहरे सां’स्कृति’क और ऐ’तिहा’सिक रिश्ते हैं। दोनों देशों के रि’श्ते इतने म’जबू’त हैं कि उन्हें ‘दो रा’ज्य, एक रा’ष्ट्र’ से परि’भाषि’त किया जाता है। अज’रबैजा’न में भी तुर्क हैं। ऐसे में दो’नों देशों के बीच जा’तीय और भा’षीय स’मान’ता है। अ’जरबै’जा’न तेल से स’मृद्ध दे’श है, जो ट’र्की के लिए ऊ’र्जा सं’साध’नों के नजरिए से भी काफी अ’हम है। ट’र्की में अज’रबै’जा’न का का’फी नि’वेश भी है।

ट’र्किश आ’र्मी अज’रबैजा’न के अ’धिकारि’यों को देती है ट्रे’निंग

ट’र्की की से’ना कई सालो से अ’जरबै’जा’न के अ’धिकारि’यों को ट्रे’निंग दे’ती आ रही है। दोनों दे’शों के बीच अगस्त में बड़े पै’मा’ने पर सै’न्य अ’भ्यास आ’योजि’त हुआ था। ट’र्की अ’जर’बैजा’न दु’नि’या का दूसरा सबसे बड़ा ह’थि’या’र आ’पूर्तिक’र्ता देश है। पहले नंबर पर रू’स और इ’ज’राय’ल का नाम शामिल हैं। ट’र्की ने अ’जरबैजा’न को ड्रो’न्स और रॉ’के’ट लॉ’न्चर भी बेचे हैं।

25 सालों में सबसे ख’तरनाक लड़ा’ई

गौरतलब है कि अ’र्मी’नि’या और अ’ज’रबैजा’न की त’रफ से क’हा जा रहा है कि द’क्षि’ण कॉके’शस इ’लाके में बीते 25 सालों में हो रही सबसे ख’तरना’क ल’ड़ाई है। इस लड़ा’ई में म’रने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। पश्चिमी मीडिया रि’पोर्ट के मु’ताबि’क,

ना’गो’र्नो-का’राबा’ख के रि’हाइ’शी इ’लाक़ों में अ’ज़रबै’जा’न की सै’ना क्लस्टर ब’म से ह’मले कर रही है। अं’तररा’ष्ट्रीय सम’झौतों के मु’ताबि’त, क्लस्टर ब’म का इ’स्तेमा’ल प्र’तिबंधि’त है। हालांकि इन दोनों दे’शों ने इस जुड़े अंत’ररा’ष्ट्री’य क’न्वेन्श’न पर ह’स्ताक्ष’र नहीं किए हैं।

दोनों देशों की से’ना’ओं का पी’छे हटने से इं’कार

एक मी’डि’या रि’पो’र्ट के मु’ता’बिक, अ’जरबै’जा’न ने कहा है कि ना’गो’र्नो-का’राबा’ख के बाहर के उसके शहरों पर ह’म’ले के बाद लड़ाई पा’इपला’इंस के न’जदी’क प’हुंच चुकी है। यहां से यूरो’प को गैस और ते’ल की आ’पू’र्ति होती है। अ’जरबै’जा’न के रा’ष्ट्रप’ति इ’ल्हमा अली’येव का कहना है कि इस लड़ाई को रो’कने के लिए आ’र्मीनि’या को ना’गो’र्नो-कारा’बाख और उ’सके आ’सपा’स के इलाको से अपनी से’ना ह’टा’नी होगी। बता दें कि दोनों देशों की से’ना’ओं ने पीछे ह’टने से इं’का’र किया है।

आ’र्मीनि’या और अज’रबैजा’न के बी’च जं’ग में अब तक सै’क’ड़ो जाने जा चुकी हैं। देशों दे’शों के बीच जनग कई इ’ला’कों पर क’ब्जा होने के चलते बढ़ती जा रही है। दर’अस’ल, नागो’र्नो-का’राबा’ख क्षेत्र आ’धिकारि’क तौ’र पर अ:जर’बैजा’न का भू’भा’ग है लेकिन इसपर आ’र्मीनि’या के लोगों का क’ब्जा है। यहां ध्यान दें वाली बात ये हैं कि आ’र्मीनिया ईसा’ई बहुल दे’श है, जबकि अज’रबैजा’न मु’स्लि’म बहुल दे’श है।