कौन से पंडित.. दरिंदे हैं साले: एजाज खान के ‘जहरीले’ Video पर लोगों ने की गिरफ्तारी की माँग

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विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले एजाज खान की आज सोशल मीडिया पर एक और Video सामने आई है। Video में एजाज खान पंडितों को गाली देता नजर आ रहा है। इस जहरीले Video के वायरल होने के बाद ट्विटर पर #अरेस्ट_मुल्ला_एजाज भी ट्रेंड हो रहा है।

इस हैशटैग के साथ ही, भाजपा नेता कपिल मिश्रा से लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल समेत सैंकड़ों लोग एजाज की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। हालाँकि बता दें कि यह वीडियो हाल की नहीं है। एजाज ने अपने यूट्यूब अकॉउंट पर इसे पिछले साल 8 सितंबर 2019 को अपलोड किया था।

इस वीडियो में वह दिल्ली के एक युवक साहिल की हत्या पर अपनी बात रख रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे वो साहिल की मौत को आधार बनाकर पंडितों को हत्यारा बताने की कोशिश कर रहा है और कहते सुना जा सकता है कि साहिल अपने दोस्तों का झगड़ा निबटाने के लिए पंडितों की गली में गया और वहाँ उसकी लिंचिंग कर दी गई।

अपनी वीडियो में एजाज ने हर तरह से यह बताने की कोशिश की कि साहिल को मुस्लिम समझकर मारा गया। वीडियो के आखिर में उसे कहते सुना गया:

“ये सारे पंडितों की पूरी गली को इतना मारो और इनको जेल में डालो। कौन से पंडित? ये दरिंदे हैं साले। बल्कि सारे हिंदुस्तान के पंडितों को इनको अंदर करवाना चाहिए। इन्होंने पंडितों का नाम भी खराब किया है। पंडितों की जाति का नाम खराब किया है। ब्राह्मणों की जाति का नाम खराब किया है। अब तो ऐसा हो गया है कि पंडित भी मॉब लिंचिंग कर रहे हैं। मतलब ब्राह्मण पंडित भी मॉब लिंचिंग में आ गए हैं। क्या बात है यार! कमाल हो गया।”

अब यहाँ बता दें कि इस वीडियो में जिस साहिल को मॉब लिंचिंग का शिकार बताकर एजाज पंडित व ब्राह्मणों को दोषी बता रहा है, उसकी मौत मॉब लिंचिंग में नहीं, बल्कि दो लोगों के साथ मोटरसाइकिल को रास्ता न देने की वजह से हाथापाई में हुई थी। इस दौरान वो जख्मी हो गया था और फिर घर जाने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई।

पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकरे ने इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि अगस्त 30, 2019 की घटना है। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया, जिसमें से एक नाबालिग है। साथ ही पुलिस ने तब इस मामले में किसी भी तरह की सांप्रदायिक एंगल न होने की बात कही थी। एजाज खान की तरह वामपंथी गिरोह के लोगों ने इस केस में मॉब लिंचिंग एंगल के साथ खूब प्रोपगेंडा भुनाया था।

‘सनातन वुमन’ नाम की यूजर ने सवाल पूछा है कि अगर ऐसी ही वीडियो कोई पंडित की जगह मौलाना कहते हुए लगा दे तो क्या सेकुलर समाज उसे स्वीकारेगा। वह लिखती हैं, हमारे संयम की परीक्षा मत लो। माँ दुर्गा के सौ करोड़ श्रद्धालु जानते हैं कि ऐसे असुरों को कैसे खत्म करना है।

कुछ लोग इसे हिंदुओं के ख़िलाफ़ लोगों को भड़काने वाली वीडियो बता रहे हैं और कह रहे हैं कि हो सकता है ऐसी ही लोग पालघर साधु लिंचिंग के पीछे रहे हो। ये मुस्लिम समुदाय को हिंदुओं के ख़िलाफ़ भड़का रहा है।