भारत-अमेरिका के बीच हुआ ये बड़ा समझोता , देख चीन की बढ़ी टेंशन

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नई दिल्ली: अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है और यह चुनाव से पहले ट्रंप सरकार की आखिरी सबसे बड़ी राजनयिक वार्ता होगी। इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों की आगामी चार साल के लिए आधारशिला रखे जाने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि भारत अमेरिका से एमक्यू -9 बी ड्रोन खरीद रहा है।

अमेरिका में चुनाव से महज एक हफ्ते पहले ट्रंप के दो शीर्ष मंत्रियों की यह वार्ता बेहद महत्वेपूर्ण मानी जा रही है। वार्ता में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने का चीन का प्रयास और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में उसका आक्रामक व्यवहार भी शामिल है।

जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ साल में भारत, अमेरिका का सबसे बड़ा रक्षा व व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। टू प्लस टू वार्ता से साफ संकेत मिल रहा है कि चीन से तनाव के बीच यह रिश्ता और मजबूत होगा।

इसके अलावा हेलिकॉप्टर के मामले में भी अमेरिकी चिनूक और अपाचे की खरीद सशस्त्र बलों के लिए की गई है। सेना अमेरिकी अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर का भी इस्तेमाल कर रही है। नौसेना ने हाल ही में अमेरिकी एमएच-60 रोमियो एंटी-सबमरीन युद्धक बहुराष्ट्रीय हेलिकॉप्टरों को अपनी जरूरतों के लिए चुना है।

टू प्लस टू वार्ता में नए रक्षा समझौतो की दिशा भी तय होगी।जानकार मानते हैं कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को टू-प्लस-टू वार्ता से नई ऊंचाई मिलेगी। टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता में विश्व के दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच वैश्विक सहयोग की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आगे उठाए जाने वाले कदमों का खाका तैयार किया जाएगा।

दोनों देश रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में घनिष्ठता के साथ काम कर रहे हैं। पिछले 15 सालों के दौरान भारत ने सी-17 ग्लोबमास्टरर्स और सी-130जे सुपर हरक्यूलिस स्पेशल ऑपरेशन ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट समेत करीब 20 बिलियन डॉलर की रक्षा खरीद की है। ये वायुसेना के बेड़े के अहम आधार बन गए हैं।

भारत और अमेरिका अपने रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने को तैयार हैं। होने वाली टू प्लस टू वार्ता के लिए सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो और रक्षामंत्री मार्क एस्पर दिल्ली पहुंचे। राजनाथ और एस्पर के बीच और जयशंकर पोम्पियो के बीच अलग अलग द्विपक्षीय वार्ता हुई।

राजनाथ सिंह के साथ बातचीत से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री को रायसीना हिल में साउथ ब्लॉक के बाहर तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों देशों के विदेश व रक्षामंत्री मंगलवार को भारत-अमेरिका के बीच टू-प्लस-टू वार्ता के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेंगे।