किन्नरों से जुड़े 20 रोचक तथ्य

ट्रेंडिंग

धरती पर इंसानों के दो वर्ग होते हैं- पहला पुरुष और दूसरा स्त्री।  इन दो वर्गों के अलावा एक तीसरा वर्ग भी होता है, जिसे किन्नर कहते हैं। किन्नर ज्यादातर तभी दिखाई देते हैं जब घरो में कोई शुभ कार्य हो रहा हो, जैसे नई शादी होना या बच्चे का जन्म होना आदि। ऐसे मौकों पर किन्नर घरों में आते हैं और आशीर्वाद देते हैं और साथ ही दक्षिणा के रूप में कुछ पैसे लेकर जाते हैं। आज हम आपको किन्नरों से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य बताएंगे जो शायद आपको मालूम न हो।

1. ज्योतिष के अनुसार ऐसा माना जाता है कि वीर्य की अधिकता से बेटा(पुत्र) पैदा होता है और रक्त की अधिकता से स्त्री(कन्या) पैदा होती है लेकिन वीर्य और रक्त के समान मात्रा से किन्नर पैदा होता है।
2. अज्ञातवास के दौरान अर्जुन 1 वर्ष तक किन्नर वृहन्नला बन कर रहा था। उन्होंने उत्तरा को नृत्य और गायन की शिक्षा दी थी।
3. किन्नर की दुआएं किसी भी व्यक्ति के बुरे समय को दूर कर सकते हैं,माना जाता है कि इन्हें भगवान श्री राम से वनवास के बाद से वरदान प्राप्त है। कहा जाता है कि इनसे एक सिक्का लेकर पर्स में रखने से धन की कमी भी दूर हो जाती है।

4. यदि किसी के घर बच्चा पैदा होता है और उस बच्चे के जननांग में कोई कमजोरी पाई जाती है तो उसे किन्नरों के हवाले कर दिया जाता है।
5. किन्नर समुदाय खुद को मंगल मुखी मानते हैं इसलिए यह लोग बस शादी, जन्म समाहरो जैसे मांगलिक कार्यक्रमों में ही भाग लेते हैं। मरने के बाद भी यह लोग मातम नहीं मनाते हैं बल्कि यह खुश होते हैं कि इस जन्म से पीछा छूट गया।
6. किन्नर अपने आराध्य देव अरावन से साल में एक बार विवाह करते हैं यह विवाह मात्र 1 दिन के लिए ही होता है। शादी के अगले ही दिन अरावन देवता की मौत हो जाती है और इनका वैवाहिक जीवन खत्म हो जाता है।
7. 2014 से पहले इन्हें समाज में नहीं गिना जाता था। अभी भी इनके साथ हुए बलात्कार को बलात्कार नहीं माना जाता है।
8. यह समाज ऐसे लड़कों की तलाश में रहता है जो खूबसूरत हो जिनकी चाल-ढाल थोड़ी कोमल हो और जो ऊंचा उठने के ख्वाब देखता हो। यह समुदाय उससे नजदीकियां बनाता है और फिर हम समय आते ही उसे बधिया कर दिया जाता है।बधिया यानी उसके शरीर के उस हिस्से के अंग को काट दिया जाता है जिसके बाद वह कभी लड़का नहीं रहता है।

9. किन्नरों की बद्दुआ इसलिए नहीं लेनी चाहिए क्योंकि यह बचपन से लेकर बड़े होने तक दुखी रहते हैं ऐसे में दुखी दिल की दुआ और बद्दुआ लगना स्वाभाविक है।
10. किसी की मौत होने के बाद पूरा हिजड़ा समुदाय एक हफ्ते तक भूखा रहता है।
11. एक मान्यता है कि ब्रह्मा जी की छाया से किन्नरों की उत्पत्ति हुई है। दूसरी मान्यता यह है कि अरिष्टा और कश्यप ऋषि से किन्नरों की उत्पत्ति हुई है।
12. पुरानी मान्यताओं के अनुसार शिखंडी को किन्नर माना गया है। शिखंडी की वजह से ही अर्जुन ने भीष्म का युद्ध में हरा दिया था।

13. यदि कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है तो किसी किन्नर को हरे रंग की चूड़ियां या साड़ी दान देनी चाहिए। इससे लाभ होता है।
14. फिलहाल देश में किन्नरों की चार देवियां हैं।
15. कुंडली में बुध शनि शुक्र और केतु के अशुभ योगों से व्यक्ति किन्नर या नपुंसक हो सकता है।
16. किसी किन्नर की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार बहुत ही गुप्त तरीके से किया जाता है।
17. किन्नरों की जब मृत्यु होती है तो उसे किसी गैर किन्नर को नहीं दिखा सकता है। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से मरने वाला किन्नर अगले जन्म में भी किन्नर ही पैदा होगा। किन्नर मुर्दे को जलाते नहीं बल्कि दफनाते हैं।

18. किन्नरों की शव यात्रा रात्रि को निकलती है। शव यात्रा को उठाने से पहले जूते चप्पलों से पीटा जाता है।

19. देश में हर साल किन्नरों की संख्या 40 50 हजार की वृद्धि होती है। देशभर के तमाम किन्नरों में से 90 फी़सदी ऐसे होते हैं जिन्हे बनाया जाता है। समय के साथ किन्नर बिरादरी में वह लोग भी शामिल होते चले गये जो जनाना भाव रखते हैं।

20. आज भी गुरु शिष्य जैसी प्राचीन परंपरा किन्नर समुदाय में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.