हिंदू महासभा के स्वामी चक्रपाणि की मांग; नई संसद भवन का नाम “हिंदू राष्ट्र भवन” होना चाहिए

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दिल्ली में नई संसद भवन के निर्माण के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी मंजूरी दे दी है। वहीं अब हिंदू महासभा के प्रमुख स्वामी चक्रपाणि ने मांग की है कि नई संसद भवन का नाम “हिंदू राष्ट्र भवन” होना चाहिए।

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बता दें, स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि, ‘हिंदू महासभा निर्माणाधीन नए संसद का नाम “हिंदू राष्ट्र भवन” रखने हेतु मकर संक्रांति से पूरे देश में चलाएगी हस्ताक्षर अभियान।’

साथ ही स्वामी चक्रपाणि की तरफ से एक निवेदन PMO को भी भेजा गया है। जिसमें निर्माणाधीन नए संसद का नाम “हिंदू राष्ट्र भवन” रखने की बात कही गई है।

आपको बता दें, सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना को संचालित कर रहा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), धरोहर संरक्षण समिति से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही नये संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू करेगा।

समिति की वेबसाइट के अनुसार समिति के अध्यक्ष केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के एक विशेष सचिव या अतिरिक्त सचिव हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में धरोहर भवनों और प्राकृतिक विशेषताओं वाले क्षेत्रों के संरक्षण के लिए दिल्ली भवन निर्माण उपनियम 1983 में नया खंड 23 जोड़कर समिति का गठन किया गया था।

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सीपीडब्ल्यूडी समिति से संपर्क करेगा और नये संसद भवन के निर्माण को शुरू करने से पहले अनुमति मांगेगा। इसके बाद संबंधित एजेंसियां अन्य औपचारिकताएं पूरी करेंगी।’’

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता साफ कर दिया है। शीर्ष अदालत ने बहुमत के एक फैसले में कहा कि नये स्थानों पर निर्माण शुरू करने से पहले धरोहर संरक्षण समिति और अन्य संबंधित प्राधिकारों से पूर्व अनुमति ली जाएगी।

इस परियोजना की घोषणा पिछले वर्ष सितम्बर में हुई थी, जिसमें एक नये त्रिभुजाकार संसद भवन का निर्माण किया जाना है। इसमें 900 से 1200 सांसदों के बैठने की क्षमता होगी। इसके निर्माण का लक्ष्य अगस्त 2022 तक है, जब देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा।