‘मैं सबकी पोल खोलूँगा’, 26 जनवरी को हुए प्रोटेस्ट में चारों तरफ से फंसने के बाद दीप सिद्धू की धमकी

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जब जहाज डूबता है, तो चूहे सबसे पहले भागते हैं। लाल किले पर कायराना हमले के बाद अब पुलिस कार्रवाई से भयभीत अराजकतावादी अब अपने ही साथियों को बलि का बकरा बनाते फिर रहे हैं। लाल किले पर हुई घटना पर कार्रवाई के बाद अराजकतावादियों ने सारा दोष खालिस्तानी समर्थक एवं कथित अभिनेता दीप सिद्धू पर डालने का प्रयास किया जबकि अन्य दोषियों के बारे में कोई चर्चा नहीं कर रहा। अब दीप सिद्धू ने उन अराजकतावादियों को लताड़ते हुए कहा है कि वे उससे यूं ही किनारा नहीं कर सकते, वो सभी को बेनकाब कर देगा।

दीप सिद्धू ने अपने फ़ेसबुक पेज से एक वीडियो डालते हुए कहा, “मुझे जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। अगर मैंने अंदर की बातें खोलनी शुरू कर दी तो इन नेताओं को भागने के लिए रास्ता नहीं मिलेगा। इस बात को सिर्फ डायलॉग न समझें, मेरे पास हर बात की दलील है”।

बता दें कि लाल किले पर हमले के पश्चात ‘किसान आंदोलन’ के नेताओं के साथ साथ कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से दीप सिद्धू को निशाने पर लेना शुरू कर दिया, क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में उसने कथित तौर पर गुरदासपुर से भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रहे प्रख्यात अभिनेता सन्नी देओल का प्रचार किया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने यहां तक कह डाला कि लाल किले पर हमला भाजपा के कारण हुआ है और दिल्ली पुलिस ने हिंसा की है, न कि खालिस्तानियों ने।

लेकिन दीप सिद्धू ने इनके दावों को बुरी तरह ध्वस्त करते हुए कहा, “ मैं गद्दार नहीं हूँ और मैंने लोगों को लाल किले तक नहीं पहुंचाया। यह जनता का निर्णय था जो पंजाब से विरोध करने के लिए सभी तरह से आया था। कोई भी उनका नेतृत्व नहीं कर रहा था। किसान संगठनों के नेता जिन्होंने मुझे देशद्रोही कहा, उन्हें शर्म आनी चाहिए क्योंकि वे सरकार की बोली बोल रहे हैं”।

बता दें कि दीप सिद्धू पर फिलहाल लाल किले पर धावा बोलने वाली भीड़ को भड़काने और अराजकता फैलाने के आरोप में गैंगस्टर लखबीर सदाना के साथ नामजद किया गया है। परंतु सभी दल और वामपंथी दीप सिद्धू को निशाना बना रहे जिसके बाद सिद्धू ने अपनी भड़ास निकाली।

दीप सिद्धू की चेतावनी स्पष्ट थी – यदि वह पकड़ा गया, तो बाकी लोग भी बच नहीं पाएंगे। इसमें कोई दो राय नहीं है कि दीप सिद्धू एक कट्टर खालिस्तानी समर्थक हैं, जो किसान आंदोलन के नाम पर देशद्रोह को बढ़ावा दे रहा था। लेकिन तब मोदी विरोध में अंधे हो चुके विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र की आवाज बताते हुए दीप सिद्धू का खुले आम समर्थन किया था।

आज जो कांग्रेस दीप सिद्धू से किनारा कर रही थी, वही पिछले कई महीनों से अपने सोशल मीडिया पेजों के जरिए उसे और उसकी भड़काऊ बातों को खुलेआम प्रसारित भी किया। इतना ही नहीं, युवा कांग्रेस के कुछ नेता दीप सिद्धू का न सिर्फ समर्थन कर रहे थे, बल्कि लाल किले पर धावा बोलने वाले अराजकतावादियों में भी शामिल थे। विश्वास नहीं होता तो इन तस्वीरों को देख लीजिए।

लाल किले पर कायराना हमले के बाद केंद्र सरकार ने ये स्पष्ट कर दिया कि इन अराजकतावादियों के विरुद्ध किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी, और इन्हे भड़काने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसके डर से अब ‘किसान आंदोलन’ के भगोड़े नेता और कांग्रेसी अब दीप सिद्धू को बलि का बकरा बनाना चाहते हैं।  परंतु दीप सिद्धू ने भी स्पष्ट कर दिया कि अगर उसे पकड़ा जाएगा, तो वह अकेला नहीं फँसेगा। सब के सब अंदर होंगे।